दिल्ली: निजी स्कूल फीस निर्धारण में पारदर्शिता की नई व्यवस्था, दो समितियों के गठन से लागू हुआ कानून

नई दिल्ली । दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि ‘दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) एक्ट, 2025’ और इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

इस कानून के सफल क्रियान्वयन के लिए स्कूल स्तर और जिला स्तर पर दो महत्वपूर्ण समितियों, स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (एसएलएफआरसी) और डिस्ट्रिक्ट लेवल फीस अपीलेट कमेटी (डीएलएफआरसी) का गठन अनिवार्य किया गया है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह कानून वर्ष 1973 से लागू दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट को पूरक बनाते हुए तैयार किया गया है, ताकि निजी स्कूलों की फीस निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और अभिभावकों के हितों की रक्षा हो सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिक्षा मिशन व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार के अल्प कार्यकाल में व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया गया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार हर निजी स्कूल में एसएलएफआरसी का गठन 10 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से किया जाना है। इस समिति में स्कूल प्रबंधन का अध्यक्ष, विद्यालय के प्रधानाचार्य, तीन शिक्षक, पांच अभिभावक तथा शिक्षा निदेशालय का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। समिति का गठन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षक की नियुक्ति भी की गई है।

उन्होंने बताया कि एसएलएफआरसी का मुख्य दायित्व स्कूल द्वारा प्रस्तावित फीस संरचना की जांच करना और 30 दिनों के भीतर उस पर निर्णय लेना होगा। पहले जहां स्कूलों को फीस प्रस्ताव एक अप्रैल तक प्रस्तुत करने की व्यवस्था थी, वहीं अब नए कानून के तहत 25 जनवरी 2026 तक फीस प्रस्ताव एसएलएफआरसी के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि समिति निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं लेती है, तो मामला स्वतः जिला स्तर की अपीलीय समिति डीएलएफआरसी के पास चला जाएगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि डीएलएफआरसी को फीस से संबंधित विवादों के निपटारे और अपीलों पर निर्णय का अधिकार दिया गया है, जिससे अभिभावकों को एक संस्थागत और निष्पक्ष मंच उपलब्ध होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि किसी भी स्तर पर मनमानी की गुंजाइश न रहे और हर निर्णय नियमों के दायरे में हो।

शिक्षा मंत्री सूद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली सरकार निजी और सरकारी स्कूलों के बीच टकराव की राजनीति नहीं करती, बल्कि समाधान की नीति पर कार्य कर रही है। दिल्ली में लगभग 37-38 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और सरकार के लिए हर बच्चा समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह कानून न तो स्कूलों के खिलाफ है और न ही शिक्षकों के विरुद्ध, बल्कि इसका उद्देश्य एक संतुलित, पारदर्शी और भरोसेमंद प्रणाली विकसित करना है।

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि नए कानून और समितियों के गठन से फीस निर्धारण को लेकर वर्षों से उठते सवालों जैसे ‘इस साल फीस का क्या होगा’ का स्थायी समाधान निकलेगा। सरकार का संकल्प है कि अभिभावकों का शोषण किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा और स्कूलों को भी नियमबद्ध ढंग से संचालन का स्पष्ट मार्ग मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एसएलएफआरसी और डीएलएफआरसी के गठन के साथ दिल्ली में स्कूल फीस व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही है, जहां पारदर्शिता, सहभागिता और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

–आईएएनएस

एएमयू विवाद पर शिया नेताओं ने दी प्रतिक्रिया, धार्मिक नारेबाजी को लेकर उठाए सवाल

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में हाल के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास और शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास ने...

शौकत अली ने अनिल राजभर को बताया मुस्लिम, कहा- विश्वास न हो, तो करवा लीजिए डीएनए टेस्ट

बहराइच । उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह का एएसआई सर्वे कराने की मांग की है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते...

बांग्लादेश: पीएम रहमान के सलाहकार बोले, ‘ हम भारत के साथ सहयोग बढ़ाना चाहते हैं’

ढाका । बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार हुमांयू कबीर ने शनिवार को कहा कि उनका देश भारत के साथ सहयोग और अच्छे संबंध बनाए...

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे अगले सेना प्रमुख, ऑपरेशनल, स्ट्रैटेजिक और संस्थागत क्षेत्रों में है व्यापक अनुभव

नई दिल्ली । लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को केंद्र सरकार ने भारतीय सेना का अगला प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) नियुक्त किया है। धीरज सेठ मौजूदा आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र...

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने राहुल गांधी से की मुलाकात, मीनाक्षी नटराजन मामले पर चर्चा

नई दिल्ली । तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात...

अमरनाथ यात्रा : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की उच्चस्तरीय बैठक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर दिए निर्देश

नई दिल्ली । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में यात्रा को...

खाड़ी देशों के छात्रों के 12वीं के परिणाम पर नीति बना रही सरकार, सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में रहने वाले सीबीएसई के निजी (प्राइवेट) छात्रों के 12वीं कक्षा के परिणाम...

कर्नाटक के मंत्री ने केंद्र से बेंगलुरु-शिवमोग्गा मार्ग को उड़ान योजना में शामिल करने का किया आग्रह

बेंगलुरु । कर्नाटक के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर एमबी पाटिल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि बेंगलुरु-शिवमोग्गा एयर रूट को आने वाली उड़ान बिडिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाए,...

क्या शिवसेना (यूबीटी) की भी स्थिति टीएमसी जैसी होगी? इस सवाल पर क्या बोले अरविंद सावंत?

मुंबई । शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने उन चर्चाओं को महज अफवाह करार दिया, जिसमें यह कहा जा रहा है कि अब आगामी दिनों में टीएमसी जैसी स्थिति...

पंजाब में धान सीजन से पहले खाद संकट की आशंका, केवल सिंह ढिल्लों की केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

नई दिल्ली । पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर राज्य में डीएपी...

महंगाई और परीक्षा घोटालों के खिलाफ कांग्रेस शुरू करेगी 3 महीने का राष्ट्रीय अभियान

नई दिल्ली । कांग्रेस ने देशभर में महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों, सामाजिक असमानता और केंद्र सरकार की विदेश नीति के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया। पार्टी ने अगले तीन...

बंगाल: चुनावी हिंसा भड़काने के मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच सीआईडी को सौंपी गई

कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने संबंधी मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव...

admin

Read Previous

रियासी में ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के फैसले से उत्साह, लोगों ने कहा- रोजगार बढ़ने की उम्मीद

Read Next

ढाका में ब्लास्ट: मोगाबाजार फ्लाई ओवर से फेंका गया बम, युवक की मौत

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com