हिंदी के लिए दया प्रकाश सिन्हा, अंग्रेज़ी के लिए नमिता गोखले साहित्य अकेडमी पुरस्कार मिला

नई दिल्ली। हिंदी के प्रमुख नाटक कार दया प्रकाश सिन्हा को उनके नाटक ‘सम्राट अशोक’, प्रसिद्ध अंग्रेज़ी लेखिका नमिता गोखले को उनके उपन्यास थिंग्स टू लीव बिहाइंड पर तथा पंजाबी के लिए खालिद हुसैन को उनके कहानी संग्रह सूलाँ दा सालण परइस बार का साहित्य अकेडमी पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

गुजराती, मैथिली, मणिपुरी और उर्दू भाषाओं के पुरस्कार बाद में घोषित किये जायेंगे।

साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2021 के लिए घोषित पुरस्कारों में सात कविता-संग्रह, पाँच कहानी-संग्रह, दो उपन्यास, दो नाटक, एक जीवन-चरित्र,एक आत्मकथा, एक महाकाव्य तथा एक आलोचना की पुस्तकें शामिल हैं।

अन्य भाषाओं में कविता-संग्रहों के लिए पुरस्कृत लेखक हैं: मोदाय गाहाय (बोडो), संजीव वेरेंकार (कोंकणी), हृषिकेश मल्लिक (ओड़िया), मीठेश निर्मोही (राजस्थानी), विन्ध्येश्वरीप्रसाद मिश्र ‘विनय’ (संस्कृत), अर्जुन चावला (सिंधी), गोराति वेंकन्ना (तेलुगु), कहानी-संग्रह के लिए पुरस्कृत लेखक हैं: राज राही (डोगरी), किरण गुरव (मराठी), निरंजन हांसदा (संताली), अम्बई (तमिल)। उपन्यास के लिए अनुराधा शर्मा पुजारी (असमिया) को पुरस्कृत किया गया है। नाटक के लिए ब्रत्य बासु (बाङ्ला), जीवन-चरित्र के लिए डी.एस. नागभूषण (कन्नड), महाकाव्य के लिए छविलाल उपाध्याय (नेपाली), आत्मकथा के लिए जॉर्ज ओनाक्कूर (मलयालम) तथा आलोचना के लिए वली मोहम्मद असीर किश्तवारी (कश्मीरी) को पुरस्कृत किया गया है।

साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार 2021 के लिए 22 भारतीय भाषाओं में पुरस्कार घोषित किए गए हैं। हिंदी के लिए हिमांशु वाजपेयी को उनके कहानी-संग्रह क़िस्सा क़िस्सा लखनउवा लखनऊ के अवामी क़िस्से पर अंग्रेज़ी केलिए मेघा मजुमदार को उनके उपन्यास ए बर्निंग पर, उर्दू के लिए उमर फरहतको उनके काव्य संग्रह ज़मीन ज़ाद पर तथा पंजाबी के लिए वीरदेविंदर सिंह कोउनके निबंध संग्रह पा दे पैलां पर पुरस्कृत किया गया है। तमिऴ में पुरस्कार बाद में घोषित किया जाएगा तथा इस वर्ष राजस्थानी में पुरस्कार
घोषित नहीं किया जाएगा।

साहित्य अकादेमी बाल साहित्य पुरस्कार 2021 के लिए 22 भारतीय भाषाओं में पुरस्कार घोषित किए गए हैं। हिंदी के लिए देवेंद्र मेवाड़ी को उनके नाटक-संग्रह नाटक-नाटक में विज्ञान पर, अंग्रेज़ी में अनीता वच्छरजनी को उनकी जीवनी पुस्तक अमृता शेर-गिलः रिबेल विद ए पेंटब्रुश पर, उर्दू के लिए कौसर सिद्दिकी को उनके कविता-संग्रह चराग़ फूलों के पर पुरस्कृत कियागया है। गुजराती और पंजाबी भाषा मे इस साल पुरस्कार नहीं दिए जा रहे हैं।

पुरस्कारों की अनुशंसा इन भारतीय भाषाओं के निर्णायक समितियों द्वारा की गई तथा साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता में आयोजित अकादेमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में आज इन्हें अनुमोदित किया गया। इन पुस्तकों को संबंधित भाषा के त्रिसदस्यीय निर्णायक मंडल ने निर्धारित चयन प्रक्रिया का पालन करते हुए पुरस्कार के लिए चुना है।

नियमानुसार कार्यकारी मंडल ने निर्णायकों के बहुमत अथवा सर्वसम्मति के आधार पर चयनित पुस्तकों के लिए पुरस्कारों की घोषणा की है। पुरस्कारएक जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2019 के दौरान पहली बार प्रकाशित पुस्तकों पर दिया गया है।

मुख्य पुरस्कार विजेता को पुरस्कार स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रूपये की राशि तथा युवा पुरस्कार, बाल साहित्य पुरस्कार विजेताओं। को एक उत्कीर्ण ताम्रफलक और 50,000/- रु. की राशि बाद में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में प्रदान किए जाएँगे।

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