बाहरी जोखिमों में कमी आने से भारत वैश्विक झटकों का सामना करने के लिए बेहतर स्थिति में है: सीईए नागेश्वरन
नई दिल्ली । भारत का बाहरी क्षेत्र (एक्सटर्नल सेक्टर) पहले की तुलना में काफी अधिक मजबूत हो गया है और देश की व्यापक आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) बुनियाद अब वैश्विक झटकों का सामना करने के लिए बेहतर…