नई दिल्ली । दिल्ली में हुई बिहार कांग्रेस की बैठक के बाद कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि यह कोई खास बैठक नहीं थी, बल्कि एक सामान्य और नियमित चर्चा थी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में सिर्फ विधायक ही नहीं, बल्कि सांसद, विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता भी शामिल थे।
बिहार में कांग्रेस को आगे कैसे बढ़ाया जाए, बैठक का मुख्य फोकस इसी पर था। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े मुद्दों और राज्य से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अभिषेक रंजन ने आईएएनएस से कहा, “हर नेता ने अपनी राय रखी और सभी के सुझावों को ध्यान से सुना गया।”
इसी दौरान जब उनसे यह सवाल पूछा गया कि बिहार कांग्रेस के 6 विधायक पार्टी छोड़ना चाहते हैं और दूसरे दलों के संपर्क में हैं, तो उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। अभिषेक रंजन ने कहा, “ये सारी बातें बेकार और गैरजरूरी हैं। अगर किसी विधायक ने आपसे कुछ कहा है, तो उस पर हम आगे चर्चा कर सकते हैं। अगर इन बातों का कोई ठोस आधार नहीं है, तो फिर इस मुद्दे का कोई मतलब नहीं है।”
उन्होंने साफ किया कि पार्टी में इस तरह की अफवाहों से कोई घबराहट नहीं है और कांग्रेस पूरी तरह से संगठन को मजबूत करने और बिहार की जनता के मुद्दों पर काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अभिषेक रंजन ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व और कार्यकर्ता एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं और किसी भी तरह की अटकलों से पार्टी की रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अभिषेक रंजन बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। वे कांग्रेस के सदस्य हैं और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में निर्वाचित हुए थे। अभिषेक रंजन ने यह चुनाव 602 वोटों के अंतर से जीता था।
–आईएएनएस











