नई दिल्ली । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान दो साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं। इस दौरान उन्हें अपने बेटे से मिलने नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में पीटीआई प्रमुख खान के बेटे कासिम खान ने बुधवार को यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (यूएनएचआरसी) में अपने पिता का मामला उठाया। कासिम ने कहा कि अधिकारियों का पूर्व प्रधानमंत्री के साथ बर्ताव अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कन्वेंशन का उल्लंघन है।
बता दें, इमरान खान को तोशखाना और भ्रष्टाचार मामले में 14 और 17 साल की सजा सुनाई गई है और 2023 से वह जेल में हैं। खान के कैद में जाने के बाद से उनकी पार्टी के लोग लगातार ये आरोप लगा रहे हैं कि पीटीआई चीफ को गलत इरादे से अकेले रखा जा रहा है; उन्हें किसी से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है। जनवरी में यह बात सामने आने के बाद कि उन्हें आंख की बीमारी है, उनके मेडिकल ट्रीटमेंट पर बार-बार चिंता जताई गई है।
ऐसे में यूएनएचआरसी में उनके बेटे कासिम खान ने यूएनएचआरसी में इस मुद्दे को उठाया और कहा कि इमरान का मामला कोई अलग-थलग घटना नहीं थी। असल में, यह 2022 के बाद से पाकिस्तान में दमन के एक बहुत बड़े पैटर्न का सबसे साफ उदाहरण था। इस सिलसिले में उन्होंने राजनीतिक कैदियों की हिरासत, मिलिट्री कोर्ट द्वारा आम लोगों पर मुकदमा चलाने और उन्हें सजा देने और पत्रकारों को चुप कराने, किडनैप करने या देश निकाला देने का जिक्र किया।
इस दौरान कासिम ने फरवरी 2024 के आम चुनावों का भी थोड़ा जिक्र किया और पीटीआई के इन आरोपों को दोहराया कि चुनाव में धांधली हुई थी। कासिम ने कहा कि पाकिस्तान ने जीएसपी प्लस फ्रेमवर्क के तहत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कन्वेंशन को बनाए रखने के लिए जरूरी कमिटमेंट किए हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कवनेंट ऑन सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स और यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन अगेंस्ट टॉर्चर शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि इमरान को मनमाने तरीके से हिरासत में लिया गया था और उन्हें अकेले कैद में रखा जा रहा है। कासिम ने आगे बताया कि उनके परिवार को उनसे मिलने पर रोक है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान को मेडिकल केयर देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसने, मिलिट्री कोर्ट में आम लोगों के ट्रायल के साथ उन ट्रीटी की शर्तों का उल्लंघन किया।
उन्होंने कहा, “मैं और मेरा भाई राजनीतिक लोग नहीं हैं। हम कभी भी इस तरह के संगठनों के सामने नहीं आना चाहते थे लेकिन मेरे पिता की जिंदगी की मांग है कि हम एक्शन लें। हम चुपचाप खड़े नहीं रह सकते क्योंकि उसकी सेहत बिगड़ रही है और उन्हें हमसे दूर रखा जा रहा है। अगर हालात उल्टे होते, तो हम जानते हैं कि वह तब तक लड़ना बंद नहीं करेंगे जब तक हम आजाद नहीं हो जाते। हम उनके लिए कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं।”
कासिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इमरान का एक मैसेज भी साझा किया। यह मैसेज तब आया जब सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि इमरान को ईद-उल-फितर पर अपने बच्चों से बात करने की इजाजत दी जाएगी।
कासिम ने कहा कि उन्होंने शनिवार को इमरान से बात की थी। कासिम द्वारा शेयर किए गए मैसेज में इमरान ने न्यायपालिका पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने “अपनी ईमानदारी बेच दी है”।
कासिम और उनके बड़े भाई सुलेमान अपनी मां के साथ लंदन में रहते हैं और उन्हें इमरान से मिलने के लिए पाकिस्तान जाना होगा। दोनों ने दिसंबर 2025 में कहा था कि उन्होंने अपने वीजा के लिए अप्लाई कर दिया है और जनवरी में पाकिस्तान जाने का प्लान बना रहे हैं। हालांकि, इससे पहले भी इमरान खान की पूर्व पत्नी ने बताया था कि पाकिस्तानी सरकार उनके बेटों के वीजा एप्लिकेशन को रिजेक्ट कर रही है।
इस सिलसिले में कासिम ने यूएनएचआरसी में अपना आरोप दोहराया कि पाकिस्तानी सरकार ने “जानबूझकर” उनके और उनके भाई के वीजा को अप्रूव करने से मना कर दिया था। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “किसी कैदी के बच्चों को उससे मिलने का हक न देना, पूरे परिवार के लिए सजा की तरह है। हमारे बीच जो कम बातचीत हुई, उससे मुझे पता है कि मेरे पिता परेशान थे लेकिन वह अपनी हालत के बारे में बात करने से मना कर रहे हैं। इसलिए वह जो कुछ भी झेल रहे हैं, उसकी डिटेल उनसे नहीं बल्कि इंडिपेंडेंट सोर्स और खुद संयुक्त राष्ट्र से मिली है।”
–आईएएनएस











