नई दिल्ली । महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एनडीए के सांसदों ने इस ऐतिहासिक पहल को देशहित में बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश के हित में हमेशा काम करती है।
भाजपा सांसद रवि किशन ने आईएएनएस से बात करते हुए इस बिल को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा, “देश की सबसे बड़ी पंचायत में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना ऐतिहासिक है।”
उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर है और सभी को इस फैसले का समर्थन करना चाहिए। इस पहल की नींव 2014 में ही रख दी गई थी, जब सरकार ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए शौचालय निर्माण जैसे अभियानों की शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने उस समय इन योजनाओं पर सवाल उठाए थे, लेकिन आज देश 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तक पहुंच गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
वहीं, जेडीयू सांसद लवली आनंद ने भी इस बिल का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में रही है। उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी पर्चे बांटकर महिलाओं के आरक्षण की मांग उठाई थी और आज यह सपना साकार होता दिख रहा है।
टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेनेती ने भी इस फैसले को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि वर्षों से इस मुद्दे पर चर्चा होती रही, लेकिन इसे लागू करने का काम अब जाकर हुआ है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता की सराहना की।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद हेमांग जोशी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रमों में अब सीमित संख्या में ही लोग पहुंचते हैं, जिससे पार्टी की घटती लोकप्रियता साफ दिखती है।
इसी बीच, हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ाईं, जबकि राज्य सरकार आर्थिक कुप्रबंधन के चलते जनता पर बोझ डाल रही है।
–आईएएनएस











