यूपी की पंचायतों में 50 फीसद से ज्यादा हुई आधी आबादी की भागीदारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी 53.7 फीसद हो गई है। कुछ वर्ष पहले तक सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों में इलाके के सबसे बुजुर्ग को पंचायत की कमान सौंपना सबसे तसल्लीबख्श काम माना जाता था। वही अब ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर महिलाओं को बढ़चढ़ कर जिम्मेदारी सौपी गई है। इस बदले माहौल के चलते इस बार ग्राम प्रधान के पद पर 31212 ब्लाक प्रमुख के पद पर 447 और जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर 42 महिलाएं चुनाव जीती हैं। ग्रामीण लोकतंत्र और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की यह एक शानदार पहल है। काबिल-ए-गौर बात यह भी है कि प्रदेश की पंचायतों में महिलाओं का एक तिहाई आरक्षण है, लेकिन सभी छोटे बड़े पदों पर उनकी मौजूदगी कोटे से ज्यादा है। यूपी के इतिहास में यह पहल अवसर है, जब इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं ने पंचायत चुनावों में जीत हासिल की है। पंचायत चुनावों के पुराने इतिहास को देखे तो इस बार पंचायत चुनावों में हर स्तर पर महिलाओं ने जीत का परचम फहराया है।

राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश से मिले आंकड़ों के अनुसार ग्राम प्रधान के 58176 पदों में से 31212 पदों पर महिलाओं ने जीत हासिल की। पंचायत चुनावों के नतीजों के अनुसार इस बार निर्वाचित प्रधानों में से 53.7 प्रतिशत यानि 31212 महिलाएं हैं। जबकि ग्राम प्रधान के 26955 पदों पर पुरुष जीते हैं। अखिलेश सरकार में 25809 महिलाएं ही ग्राम प्रधान का चुनाव जीती थी।

यूपी की 75 जिला पंचायतों के अध्यक्ष पदों में से 42 पर महिलाओं का कब्जा हुआ है, जबकि एक तिहाई आरक्षण कोटे के अनुसार उनकी हिस्सेदारी 24 पदों तक होती है। राज्य मंत्री स्तर वाले इन पदों पर महिला प्रतिनिधित्व 56 प्रतिशत है। जिला पंचायत अध्यक्ष के 33 पदों पर पुरुषों को जीत हासिल हुई है। अब पंचायतों के दूसरे अहम पद क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष यानि ब्लाक प्रमुखों की बात करें तो यहां पर भी महिलाएं आगे हैं।

आयोग के अनुसार ब्लाक प्रमुख के कुल 825 पदों में से 447 पर महिलाएं ही आसीन हुई हैं। उनकी यह हिस्सेदारी भी 54.2 प्रतिशत है। ब्लाक प्रमुख के 378 पदों पर पुरुष जीते हैंए उनकी यह हिस्सेदारी 45.8 प्रतिशत है।

कुल मिलाकर देखें तो सूबे की पंचायतों में महिला प्रतिनिधित्व 53.7 फीसदी है जो एक तिहाई आरक्षण कोटे से कहीं अधिक है। जबकि, कई राज्यों में 50 प्रतिशत आरक्षण होने के बाद भी देश में महिलाओं का औसत प्रतिनिधित्व 36.87 फीसदी ही है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ चुनाव जीतने की वजह से ही महिलाओं का दबदबा बढ़ा है। सार्थक पक्ष यह है कि उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाएं भी पंचायतों का नेतृत्व संभालने के लिए आगे आईं हैं।

पहली बार ग्राम प्रधान बनी आगरा के बड़ागांव ग्राम की शिक्षित बेटी कल्पना सिंह गुर्जर मानती हैं, ”यदि परिवार की परिस्थिति अनुकूल हो तो पढ़ी-लिखी महिलाओं को नौकरी करने के बजाए राजनीति में आना चाहिए। वे समाज के बारे में बेहतर ढंग से सोच सकतीं हैं। ”

इसी सोच के तहत इस बार पंचायत चुनावों में स्वयं सहायता समूह की कुल 3521 महिलाओं ने विभिन्न पदों के लिए तकदीर को आजमाया था, जिसमें से 1534 ने चुनाव जीती हैं। इनमें से तमाम महिलाओं का कहना है कि मेहनत से इस मुकाम पर पहुंचने के बाद अब वह गांवों में विकास कार्य के साथ महिलाओं को स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित करेंगी।

पंचायत चुनाव को लंबे समय से कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार पीएन द्विवेदी कहते हैं, ” आधी आबादी का जो प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है। यह सकारात्मक पहल है। इनकी भागीदारी जितनी बढ़ेगी उतनी तेजी से ग्रमीण क्षेत्रों में विकास होगा।”

–आईएएनएस

दिल्ली के एलजी ने रिज मैनेजमेंट बोर्ड के पुनर्गठन को दी मंजूरी, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपराज्यपाल टीएस संधू ने दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) के पुनर्गठन को मंजूरी...

झारखंड ट्रेजरी घोटाले की जांच लगातार टाल रही हेमंत सरकारः भाजपा

रांची । झारखंड में ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर राज्य सरकार पर निशाना साधा। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मंगलवार को पार्टी...

अदाणी पोर्टफोलियो ने वित्त वर्ष 2026 में किया करीब 1.53 लाख करोड़ रुपए का पूंजीगत निवेश, किसी भी भारतीय कॉर्पोरेट द्वारा अब तक का सबसे अधिक वार्षिक कैपेक्स

अहमदाबाद । अदाणी पोर्टफोलियो ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने वित्त वर्ष 2025-26 में 1,52,967 करोड़ रुपए (16.1 अरब डॉलर) का पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) किया, जो किसी भी भारतीय...

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतींदर सिंह भसीन किया गिरफ्तार

लखनऊ । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतींदर सिंह भसीन को भसीन इन्फोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (बीआईआईपीएल) से...

तंबाकू छोड़ते ही मिलने लगते हैं फायदे, सिर्फ 20 मिनट में दिखने लगता है असर

नई दिल्ली । तंबाकू और धूम्रपान को दुनिया भर में कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। यही वजह है कि हर साल 31 मई को विश्व धूम्रपान...

नीट यूजी पेपर लीक मामला : मनीषा हवलदार की सीबीआई कस्टडी दो दिन बढ़ी, मनीषा मांढरे को न्यायिक हिरासत में भेजा

नई दिल्ली । नीट यूजी 2026 पेपर लीक घोटाले में सीबीआई की जांच तेज हो गई है। राउज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को सीबीआई ने दो प्रमुख आरोपियों मनीषा हवलदार...

यूपी में कुछ नहीं बदला, यहां जंगलराज है, सीएम योगी के बयान पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद का पलटवार

लखनऊ । समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मऊ में सीएम योगी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कहने और करने में बहुत फर्क है। यूपी कितना...

बिहार भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव, नए प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा

पटना । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को बिहार प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नए प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा की। यह घोषणा...

आंध्र प्रदेश: पवन कल्याण ने वन विभाग को बाघों की गतिविधियों पर सतर्क रहने का निर्देश दिया

अमरावती । आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शुक्रवार को वन विभाग को पोलावरम जिले की सीमा से लगे वन क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने...

माफिया अब खुली जीप में पिस्टल लहराते हुए किसी हिंदू को धमका नहीं सकता : सीएम योगी

मऊ/लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ की धरती से माफिया को फिर खुली चुनौती दी। उन्होंने दो टूक कहा कि अब किसी माफिया व गुंडे में दुस्साहस...

विशेष गहन पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कहा- एसआईआर संविधान की कसौटी पर खरा

नई दिल्ली । बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या...

हॉर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद भी उच्च स्तर पर रहेगी इनपुट लागत, खुदरा महंगाई भी ऊपर जाने का अनुमान: रिपोर्ट

नई दिल्ली । हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने के बाद इनपुट लागत इस साल उच्च स्तर पर रहने की उम्मीद है। इसके कारण मैन्युफैक्चरर्स को उच्च लागत का सामना करना पड़ेगा।...

editors

Read Previous

बॉर्डर से किसानों को जबरन हटाया तो सरकारी दफ्तरों को बना देंगे गल्ला मंडी: राकेश टिकैत

Read Next

नई दिल्ली: 18 वर्ष में लिखी गई 250 साल पुरानी, 6 फिट लंबी कुरान को दी जा रही पुरानी शक्ल

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com