बांग्लादेशी लोक संगीत के दिग्गज फकीर आलमगीर का कोविड के कारण निधन

ढाका, 24 जुलाई (आईएएनएस)| बांग्लादेशी लोक संगीत के दिग्गज फकीर आलमगीर का यहां एक अस्पताल में कोविड-19 के कारण निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। उनके परिवार ने इसकी पुष्टि की।

रात करीब 11.30 बजे यूनाइटेड अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। शुक्रवार की रात उनके बेटे मशूक आलमगीर राजीव ने यह जानकारी दी।

टीका लगाए जाने के बावजूद, आलमगीर 14 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।

अगले दिन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसके बाद डॉक्टर उन्हें तुरंत गहन चिकित्सा इकाई में ले गए।

19 जुलाई को उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था।

गनो-संगीत (जनता का संगीत) गायक, बाद में एक पॉप कलाकार, और 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान स्वाधीन बांग्ला बेतर केंद्र के साथ अपने काम के लिए जाने जाने वाले, उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार एकुशी पदक से 1999 में सम्मानित किया गया था।

आलमगीर ने अपने संगीत करियर की शुरूआत 1966 में की थी। वह 1969 के जन विद्रोह में क्रांति शिल्पी गोष्ठी और गणशिल्पी गोष्ठी के सदस्य के रूप में शामिल हुए।

जब मुक्ति संग्राम शुरू हुआ, तो वह निर्वासन में बांग्लादेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे रेडियो स्टेशन स्वाधीन बांग्ला बेतर केंद्र में शामिल हो गए।

उनके कुछ उल्लेखनीय गीत ‘ओ सोखिना गेसोश किना भुइल्या अमारे, अमी ओहन रिश्का चलाई, ढाका शोहोरे .’, ‘शांताहार’, ‘नेल्सन मंडेला’, ‘नाम तार छिलो जॉन हेनरी’ और ‘बांग्लार कॉमरेड बंधु’ हैं।

आलमगीर ने 1976 में सांस्कृतिक संगठन ‘ऋशिज शिल्पी गोष्ठी’ की स्थापना की थी, और उन्होंने गोनो संगीत शामन्या परिषद (जीएसएसपी) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।

उनके अगले दो प्रकाशन ‘मुक्तिजुद्दर स्मृति बिजॉयर गान’ और ‘गोनो संगीतर ओटिट ओ बोटरेमन’ थे।

2013 में उन्होंने तीन पुस्तकें प्रकाशित कीं – ‘अमर कोठा’, ‘जरा अच्छे हृदय पोते’ और ‘स्मृति अलापोनी मुक्तिजुद्धो’।

–आईएएनएस

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय अब रेडियो प्रसारण और ओटी टी पलटफॉर्म भी शुरू करेगा

नयी दिल्ली । देश की सबसे बड़ी नाट्य संस्था राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय(एनएसडी) अब अपना रेडियो स्टेशन ओटी टी पलटफॉर्म और पॉडकास्ट भी शुरू करेगा।यह घोषणा आज यहाँ भारतीय रंगमहोत्सव के...

मणिपुर में नेशनल ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल का 12 नवंबर को आगाज, जनजातीय कला और संस्कृति को सम्मान

इम्फाल । मणिपुर में 12 नवंबर से चार दिन तक 'नेशनल ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल 2025' का आयोजन किया जा रहा है। यह फेस्टिवल देशभर की जनजातीय कला, संस्कृति और फिल्मों...

एशिया के सबसे बड़े साहित्योत्सव-2025 का आयोजन 7 मार्च से संस्कृति एवं पयर्टन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली । साहित्य अकादेमी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाला साहित्योत्सव-2025 इस वर्ष एशिया का सबसे बड़ा साहित्य उत्सव होगा। 53 भाषाओं के 100 लेखिकाएँ समेत 723 लेखक और...

8 देशों के 44 प्रतिनिधिमंडल एनएसडी के दौरे पर रंगमंडल की हीरक जयंती पर पहली बार’ रंग रथ यात्रा “.दो साल तक चलेगी देश में

नई दिल्ली । राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय( एनएसडी ) 14अगस्त से दक्षिण एशिया एवम प्रशान्त क्षेत्र के आठ देशों का नाट्य महोत्सव आयोजित कर रहा है जिसमे 44 प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे।...

गुजगुजरात में जमीन आवंटन मामले में अदाणी पोर्ट्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहतरात में जमीन आवंटन मामले में अदाणी पोर्ट्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

नई दिल्ली । अदाणी समूह को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें राज्य सरकार से अदाणी पोर्ट्स...

प्रख्यात अंग्रेजी लेखक रस्किन बॉन्ड को साहित्य अकादेमी की महत्तर सदस्यता

नई दिल्ली । साहित्य अकादेमी का सर्वोच्च सम्मान "महत्तर सदस्यता "आज अंग्रेजी के प्रख्यात लेखक और विद्वान रस्किन बॉन्ड को प्रदान की गई।उनकी अस्वस्थताके कारण यह सम्मान उनके मसूरी स्थित...

विश्व रेडियो दिवस:बेहद रोमांचक है वायरलेस दुनिया

बीजिंग । 3 नवंबर, 2011 को यूनेस्को ने हर साल 13 फरवरी को "विश्व रेडियो दिवस" ​​के रूप में नामित करने का निर्णय लिया। 13 फरवरी 1946 को संयुक्त राष्ट्र...

पटना में गंगा नदी के तट पर लगेगी राजेंद्र प्रसाद की 243 मीटर ऊंची प्रतिमा

पटना । बिहार की राजधानी पटना में गंगा तट पर देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की 243 मीटर ऊंची प्रतिमा लगेगी। यह प्रतिमा गुजरात में नर्मदा के किनारे बने...

भारतीय कला विरासत की अनोखी झांकी लाल किले में

नई दिल्ली । विश्व के प्रसिद्ध "आर्ट बिनाले" की तर्ज़ पर अब देश में पहला "बिनाले "8 दिसम्बर से राजधानी के ऐतिहासिक लाल किले में होगा।31 मार्च तक चलने वाले...

तेजी बच्चन ने लेडी मैकेबेथ की भूमिका निभाई थी

नई दिल्ली। प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी एवम भारत छोड़ो आंदोलन में जेल जानेवाले प्रसिद्ध रंगकर्मी एवम लेखक वीरेन्द्र नारायण द्वारा निर्देशित नाटकों में तेजी बच्चन ने ही नहीं बल्कि देवानंद की...

खेलों के माध्यम से भी पूरे प्रदेश में मनाया गया आजादी का जश्न

लखनऊ : प्रदेश में आजादी के जश्न का समारोह ध्वजारोहण के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला के माध्यम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के खेल विभाग...

समाज में तनाव पैदा करने वाले दृश्य हटाना सेंसर बोर्ड की ज़िम्मेदारी: अनिल दुबे 

अगर फ़िल्म में ऐसे दृश्य या कहानी है जो समाज में तनाव को जन्म देता हो, तो फ़िल्म सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन, (सेंसर बोर्ड) को उसे तुरंत हटा देना...

editors

Read Previous

गुलाबी टाई-डाई ड्रैस में कटरीना कैफ बनी बार्बी

Read Next

अब हम लौटने लगे हैं अपनी जड़ों की ओर : मालिनी अवस्थी

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com