कोलकाता । देश में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सामूहिक सतर्कता की जरूरत की बात की। वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने आत्मनिर्भर, मजबूत और एकजुट भारत के लक्ष्य को पाने के लिए नए संकल्प की अपील की।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “इस गणतंत्र दिवस पर मैं सभी को दिल से बधाई देती हूं। आइए हम अपने संविधान के मूल्यों – न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं। हमें बहुलता, विविधता, समावेशिता और सामाजिक सद्भाव की दिशा में प्रयास करना चाहिए। आज मुझे पुरानी कहावत याद आ रही है – ‘स्वतंत्रता की कीमत है सतत सतर्कता’। मैं आज सभी से अपील करती हूं कि वे इस सतर्कता को अपनाएं। हमारा गणराज्य और हमारा संविधान आज हमारी सामूहिक सतर्कता की मांग करता है।”
वहीं, विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर, हमें एक मजबूत, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए नए संकल्प की आवश्यकता है। हम भारतीय जनता अपने संविधान और संप्रभुता का इस शुभ अवसर पर सम्मान करते हैं। आइए हम मजबूत, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करें। जय हिंद। वंदे मातरम।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री का “स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आंतरिक सतर्कता” का आह्वान वर्तमान राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। यह बयान उनकी केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और विशेष रूप से निर्वाचन आयोग के साथ राज्य में चल रही विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद के बीच आया है।
संशोधन प्रक्रिया की शुरुआत से ही मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस, इसे केवल वैध मतदाताओं की मतदान की मूल स्वतंत्रता को छीनने का प्रयास ही नहीं, बल्कि राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लागू करने की एक अप्रत्यक्ष चाल भी बता रहे हैं।
–आईएएनएस











