रांची । रांची के पंडरा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात हुई दो आपराधिक गुटों के बीच अंधाधुंध गोलीबारी के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इन्हें रांची के अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी कर गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी संजय पांडे के अलावा बबलू, रवि, अज्जू साह और एक अन्य सहयोगी शामिल है। सभी आरोपी जमीन कारोबार से जुड़े बताए जा रहे। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि शनिवार रात पंडरा इलाके के मान्या टावर के पास संदीप थापा गिरोह और संजय गिरोह के बीच वर्चस्व को लेकर हिंसक झड़प हो गई थी। यह विवाद जमीन कारोबार और लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते गोलीबारी में तब्दील हो गई। अपराधियों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और दहशत का माहौल बन गया।
इस गोलीबारी की घटना में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों में आकाश सिंह, उनके भाई विकास सिंह और रवि यादव शामिल हैं। आकाश सिंह को हाथ में गोली लगी, जबकि विकास सिंह को छाती और हाथ में गोली लगी थी। फिलहाल तीनों घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों आपराधिक गुटों के बीच रिंग रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे जमीन के एक टुकड़े को लेकर करीब 55 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद लंबे समय से चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के बहाने दोनों पक्ष शनिवार रात घटनास्थल पर जुटे थे, लेकिन विवाद बढ़ने पर गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से करीब एक दर्जन खोखे भी बरामद किए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पंडरा थाना पुलिस, कोतवाली डीएसपी समेत कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
–आईएएनएस











