कोलकाता । कोलकाता हाईकोर्ट ने बढ़ते वायु प्रदूषण पर संज्ञान लिया है, जिसके बाद कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने शहर के सभी पुलिस स्टेशनों और ट्रैफिक चौकियों को एयर पॉल्यूशन कंट्रोल करने में एक्टिव रहने का निर्देश दिया है।
कोलकाता के मेयर ने कोलकाता में नगर निगम के हेडक्वार्टर में एक मीटिंग की, जिसमें पर्यावरण विभाग के मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य स्वपन समाद्दार और पार्क विभाग के मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य देबाशीष कुमार शामिल हुए। इस बैठक में कोलकाता पुलिस के एडिशनल सीपी शुभांकर सिन्हा भी मौजूद थे।
इस मीटिंग में मेयर हकीम ने हर पुलिस स्टेशन और ट्रैफिक डिपार्टमेंट से शहर के अलग-अलग हिस्सों में आग लगाने, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को कंट्रोल करने और सूखी पत्तियां और लकड़ी जलाने जैसे मुद्दों पर एक्टिव कदम उठाने की अपील की है।
हकीम ने यह भी निर्देश दिया कि कंस्ट्रक्शन साइट्स पर बाड़ लगाई जाए और जिन इलाकों में ज्यादा धूल उड़ती है, वहां ज्यादा पानी छिड़का जाए।
मेयर ने अधिकारियों से विक्टोरिया मेमोरियल के पास रेल विकास निगम लिमिटेड के कंस्ट्रक्शन काम के दौरान धूल को कंट्रोल करने में सतर्क रहने का आग्रह किया। सड़कों पर कंस्ट्रक्शन का कचरा, बिल्डिंग मटीरियल, और रेत फेंकने पर भी रोक लगाने का फैसला किया गया।
कोलकाता के मेयर ने कहा, “जिन इलाकों में मेट्रो का कंस्ट्रक्शन चल रहा है, उन्हें हरी जाली से ढका जाना चाहिए। कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पर्याप्त पानी छिड़का जाना चाहिए। पुलिस को ट्रैफिक फ्लो बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। उन्हें पुरानी गाड़ियों पर नजर रखने के लिए भी कहा गया है ताकि धुआं छोड़ने वाली गाड़ियों को कंट्रोल किया जा सके। हवा में कार्बन के कणों को बढ़ने से रोकने के लिए पॉल्यूशन टेस्ट में फेल होने वाली गाड़ियों को पकड़ा जाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “सड़कों पर पड़े कंस्ट्रक्शन कचरे को हटाने के मामले में कॉर्पोरेशन के अंदर डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन की कमी है। इसे ठीक करने की जरूरत है। धूल उड़ने से रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन कचरे को और तेजी से हटाया जाना चाहिए। जो बिल्डिंग्स बन रही हैं, उनमें जाली लगाकर काम किया जाना चाहिए, नहीं तो काम रोकने का आदेश दिया जाएगा।
–आईएएनएस











