2020 के लॉकडाउन के दौरान घटे प्रदूषण के स्तर में फिर से उछाल आने का खतरा : सीएसई

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)| इस वर्ष प्रदूषण के स्तर में वृद्धि है, क्योंकि 2020 में महामारी के कठिन दौर में कई चरणों में लॉकडाउन लगाया गया था, जिसका प्रदूषण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा था। यह बात सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) द्वारा किए गए क्षेत्रीय प्रदूषण प्रवृत्तियों के नए विश्लेषण से पता चली है। सीएसई में अनुसंधान विभाग की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉयचौधरी ने कहा, “2019-2021 की अवधि के लिए वास्तविक समय वायु गुणवत्ता डेटा के इस विश्लेषण से पता चलता है कि प्रदूषण में गिरावट जो 2020 में महामारी के कठिन लॉकडाउन चरणों से प्रेरित थी, 2021 में पहले से ही बढ़ रहे स्तरों के साथ फिर से उछाल की चेतावनी दे रही है। हालांकि कई मामलों में प्रदूषण का स्तर अभी भी 2019 से कम है।”

नतीजतन, भारत के पूर्वी राज्य यानी बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा – अब बढ़ते वायु प्रदूषण का दंश महसूस कर रहे हैं, जैसा कि अध्ययन में दिखाया गया है।

नवंबर की शुरुआत में उत्तर भारत को घेरने वाला शीतकालीन स्मॉग दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में पूर्व की ओर बढ़ने लगता है, जिससे बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा ज्यादा प्रभावित होते हैं।

अर्बन डेटा एनालिटिक्स लैब, सीएसई के प्रोग्राम मैनेजर अविकल सोमवंशी ने कहा, इन राज्यों में वायु गुणवत्ता पर अधिक ताजा और वास्तविक जानकारी देने के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी का विस्तार शुरू हो गया है। लापता डेटा और अंतराल के बारे में गंभीर चिंताएं हैं, जो उचित जोखिम मूल्यांकन को मुश्किल बनाती हैं। बिहार के कुछ स्टेशनों और ओडिशा में डेटा उपलब्धता इतनी कम है कि प्रवृत्ति का आकलन नहीं किया जा सकता। डेटा का गुणवत्ता नियंत्रण आवश्यक है।

–आईएएनएस

editors

Read Previous

कोरोना संक्रमित हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

Read Next

दिल्ली पुलिस के 1,000 कर्मी हुए कोविड संक्रमित

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com