प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 को लागू करने के लिए कोई एक्शन प्लान नहीं : कैग

नई दिल्ली : नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने एक ऑडिट रिपोर्ट में कहा है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा कार्य योजना की कमी के कारण प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा सका है। सरकारी लेखा परीक्षक ने एक रिपोर्ट में कहा, “पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ और सीसी) के पास प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के कार्यान्वयन के लिए कोई कार्य योजना नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से और कुशलता से लागू नहीं किया जा सका।”

कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, “डेटा गैप थे, जिसके कारण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ एमओईएफ और सीसी के पास 2015-20 की अवधि के दौरान पूरे देश में प्लास्टिक कचरे की पूरी और व्यापक तस्वीर नहीं थी। ऑडिट ने यह भी देखा कि प्राप्त डेटा एसपीसीबी और पीसीसी को एसपीसीबी द्वारा इसकी प्रामाणिकता और शुद्धता का आकलन करने के लिए मान्य नहीं किया गया था।”

कैग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली के सभी तीन सैंपल यूएलबी (शहरी स्थानीय निकाय) ने 2015-20 के दौरान हर साल डीपीसीसी को उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे का डेटा नहीं दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, “पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) ने 2015-20, उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने 2015-16 और 2017-18 और दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने 2015-16 के लिए डेटा प्रस्तुत नहीं किया। हालांकि, डीपीसीसी को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की लेखापरीक्षा को मुहैया कराए गए आंकड़ों से तुलना करने पर एनडीएमसी के आंकड़ों में 45.97 फीसदी का अंतर देखा गया, जबकि एसडीएमसी के मामले में आंकड़ों में 40 फीसदी का अंतर था।”

कैग ने सिफारिश की है कि मंत्रालय को अपनी एजेंसियों (सीपीसीबी, एसपीसीबी/पीसीसी) के माध्यम से प्लास्टिक कचरे के उत्पादन, संग्रह और निपटान के संबंध में प्रभावी डेटा संग्रह के लिए एक प्रणाली स्थापित करने और उनके कामकाज की निगरानी करने की जरूरत है।

कैग ने यह भी कहा कि स्थानीय निकायों के समन्वय में सीपीसीबी और राज्य पीसीबी/पीसीसी को समय-समय पर, उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे की मात्रा का व्यापक मूल्यांकन करने और आबादी के आकार, क्षेत्र के भौगोलिक आकार जैसे मापदंडों के अनुसार डेटा एकत्र करने की जरूरत है।

उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय निकाय प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को शामिल करके अपने उपनियमों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया में तेजी ला सकते हैं।

रिपोर्ट में एक परियोजना पर निष्फल खर्च को भी दर्शाया गया है और कहा गया है : “एमओईएफ और सीसी द्वारा अप्रभावी निगरानी और वित्तीय सहायता जारी करने में देरी के परिणामस्वरूप डिमोंस्ट्रेशन प्रोजेक्ट से पर्यावरणीय लाभ प्राप्त नहीं हुआ और 73.35 लाख रुपये का निष्फल व्यय हुआ।”

–आईएएनएस

‘हिमालय को इको सेंसिटिव जोन घोषित करें’

नई दिल्ली : आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने संबंधित नागरिकों और विशेषज्ञों के साथ शनिवार को 'इमीनेट हिमालयन क्राइसिस' पर एक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया और हिमालय...

रेलवे ने की 314 ट्रेन रद्द, 25 ट्रेनों का समय बदला

नई दिल्ली : कोहरे के चलते मंगलवार को भारतीय रेलवे ने 314 ट्रेन रद्द, 25 ट्रेनों का समय बदला और 8 ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया है। इसके साथ...

पहाड़ों पर बदला मौसम, केदारनाथ, गंगोत्री सहित मसूरी में हुई बर्फबारी

उत्तरकाशी/केदारनाथ/मसूरी : पहाड़ों पर एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। गुरुवार देर रात से ही बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। उत्तरकाशी के गंगोत्री...

1.4 डिग्री पर जमी दिल्ली, इस मौसम का सबसे कम तापमान दर्ज

नई दिल्ली : ताजा शीतलहर के बीच, राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान...

भीषण गर्मी, कड़ाके की ठंड और भारी बरसात, आखिर क्यों हो रहे हैं मौसम में बड़े बदलाव?

नई दिल्ली : पिछले कुछ सालों में भारत समेत दुनियाभर में मौसम के अलग रूप देखे जा रहे हैं। कभी भयंकर गर्मी, तो कभी मूसलाधार बारिश और अब एक बार...

इसरो ने पहली बार जोशीमठ भू-धंसाव की सैटेलाइट तस्वीरें की जारी कीं

देहरादून : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर ने पहली बार जोशीमठ भू-धंसाव की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं, जिसमें दिखाया गया है कि जोशीमठ शहर किस...

विशेषज्ञ जोशीमठ आपदा के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास को जिम्मेदार ठहराते हैं

नई दिल्ली : उत्तराखंड के जोशीमठ में सड़कों और घरों में दरारें मुख्य रूप से हिमालय जैसे बेहद नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र में हो रहे बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के...

बांग्लादेश जहरीले डीडीटी कीटनाशक से मुक्त घोषित

ढाका : बांग्लादेश को खतरनाक 'डाइक्लोरो डिफेनिल ट्रिक्लोरोइथेन' कीटनाशक से मुक्त घोषित कर दिया गया है, जिसे आमतौर पर डीडीटी कीटनाशक के रूप में जाना जाता है। बांग्लादेश के पर्यावरण,...

15 दिन में सड़क पर दिखने लगेंगी ई-साइकिल, सालाना कम होगा 1125 टन कार्बन रेडिएशन

नोएडा : नोएडा में ई साइकिल से सालाना 1125 टन कार्बन रेडिएशन को कम किया जा सकेगा। आगामी 15 दिनों के बाद ये ई साइकिल नोएडा की सड़कों पर दिखने...

दिल्ली में दर्ज सीजन का सबसे कम 2.2 डिग्री सेल्सियस तापमान

2023-01-05 नई दिल्ली: दिल्लीवासियों की सुबह गुरुवार को सीजन की सबसे ठंडी सुबह रही। तापमान गिरकर 2.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। लोधी रोड, आयानगर और रिज के मौसम स्टेशनों...

वृंदावन में बनेगा देश का सबसे बड़ा सिटी फॉरेस्ट

मथुरा : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा वृंदावन में देश का सबसे बड़ा शहर वन (सिटी फॉरेस्ट) बनाया जा रहा है। वृन्दावन के ग्राम सुनरख के पास 130 हेक्टेयर...

शीतलहर की चपेट में दिल्ली, कोहरे से विजिबिलिटी प्रभावित, यातायात धीमा

नई दिल्ली : दिल्लीवासियों की मंगलवार की सुबह सर्द रही और घने कोहरे के कारण शहर के कुछ इलाकों में विजिबिलिटी कम रही, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ।...

admin

Read Previous

मस्क नए ट्विटर सीईओ की तलाश कर रहे हैं: रिपोर्ट

Read Next

नेपाल के पीएम संसदीय दल के चुने गए नेता

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com