चेन्नई । तमिलनाडु सरकार की कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए महत्वाकांक्षी मुफ्त लैपटॉप बांटने की योजना ने रफ्तार पकड़ ली है। इस योजना का पहला चरण फरवरी अंत तक पूरा होगा।
अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में 10 लाख छात्रों को फायदा होगा और लगभग दो लाख लैपटॉप पहले ही योग्य लाभार्थियों तक पहुंच चुके हैं।
कुल 20 लाख लैपटॉप खरीदने के लिए एक इंटरनेशनल टेंडर जारी किया गया है, जिसके लिए राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 2 हजार करोड़ रुपए रखे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, डेल, एसर और एचपी जैसे मल्टीनेशनल मैन्युफैक्चरर्स द्वारा सप्लाई किए गए लैपटॉप छात्रों को बांटे जाएंगे।
इन सिस्टम में इंटेल आई3 या एएमडी राइजेन 3 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम और 256 जीबी एसएसडी स्टोरेज होगा। हर लैपटॉप में पहले से ही विंडो 11, बॉस लिनक्स और एमएस ऑफिस 365 प्री-लोडेड होंगे, जिससे छात्रों को अपनी पढ़ाई की जरूरतों के लिए प्रोप्राइटरी और ओपन-सोर्स दोनों प्लेटफॉर्म मिल सकें।
इन लैपटॉप में एआई-पावर्ड परप्लेक्सिटी प्रो प्लेटफॉर्म का छह महीने का फ्री सब्सक्रिप्शन भी शामिल होगा, जिसका मकसद रिसर्च और सीखने में मदद करना है। लैपटॉप के साथ-साथ लाभार्थियों को एक हाई-क्वालिटी बैग भी मिलेगा।
उच्च शिक्षा विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु के लगभग 4,600 आर्ट्स, साइंस, इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर और मेडिकल कॉलेजों में लाभार्थियों की पहचान का काम लगभग पूरा हो गया है।
अधिकारी ने कहा कि एक लाख से ज्यादा लैपटॉप पहले ही बांटे जा चुके हैं। कॉलेजों ने लगभग सभी छात्रों की डिटेल्स जमा कर दी हैं, जिनकी सावधानी से जांच की जा रही है ताकि यह पक्का किया जा सके कि हर योग्य छात्र को इस योजना का फायदा मिले।
डिस्ट्रीब्यूशन का दूसरा चरण मार्च में शुरू होने की उम्मीद है, जिससे योजना की पहुंच और बढ़ेगी। लैपटॉप सप्लाई करने वाली कंपनियां सभी जिलों में सर्विस सेंटर भी बनाएंगी ताकि बिक्री के बाद सपोर्ट दिया जा सके।
इस बीच, अधिकारियों ने छात्रों को सोशल मीडिया पर स्कीम के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बारे में फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करने की चेतावनी दी है और दोहराया है कि लाभार्थियों का चयन सिर्फ कॉलेजों के जरिए ही किया जा रहा है।
–आईएएनएस











