सीरिया : कौन हैं राष्ट्रपति असद, जिन्हें हटाने के लिए लंबे समय से जारी है खूनी संघर्ष

बेरूत । सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के देश छोड़ देने का दावा कई मीडिया रिपोर्ट्स में विद्रोही गुटों के हवाले से किया जा रहा है। विद्रोही गुटों का यह भी दावा है कि उन्होंने राजधानी दमिश्क पर कब्जा कर लिया है। आखिर राष्ट्रपति असद कौन हैं और विद्रोही गुट क्यों उनके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।

59 वर्षीय बशर अल-असद ने 2000 में अपने पिता हाफिज अल-असद की मृत्यु के बाद सत्ता संभाली। उनके पिता 1971 से देश पर शासन कर रहे थे।

मीडिया रिपोट्स के मुतबिक दमिश्क में जन्मे अल-असद ने राजधानी में मेडिकल स्कूल से स्नातक किया। वह नेत्र विज्ञान में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए लंदन में पढ़ाई कर रहे थे जब उन्हें अपने भाई की मृत्यु के बाद सीरिया वापस लौटना पड़ा।

बड़े भाई बासेल अल-असद को देश के नेता के रूप में अपने पिता की जगह लेने वाले थे, लेकिन एक कार दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जिससे बशर उत्तराधिकारी बन गए।

2011 उनके शासन काल के लिए सबसे अहम साल रहा जब लोकतंत्र की मांग को लेकर हजारों सीरियाई नागरिक सड़कों पर उतर आए, लेकिन उन्हें भारी सरकारी दमन का सामना करना पड़ा। हालांकि सरकार के विरोध में विभिन्न सशस्त्र विद्रोही समूहों का गठन हो गया और सरकार का विरोध 2012 के मध्य तक, विद्रोह एक पूर्ण गृह युद्ध में बदल गया।

असद पर मानवाधिकार उल्लंघनों का आरोप लगता रहा है, जिनमें युद्ध के दौरान सीरिया में रासायनिक हथियारों का प्रयोग, कुर्दों का दमन और लोगों को जबरन गायब करना शामिल है।

असद रूस, ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह की मदद से वर्षों तक विद्रोही गुटों का सफलतापूर्व मुकाबला करते रहे। लेकिन पिछले दिनों अचानक सक्रिय हुए विद्रोही गुटों ने सीरियाई राष्ट्रपति के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी क्योंकि
असद के तीन सहयोगी- रूस, हिजबुल्लाह और ईरान इजरायल खुद के संघर्षों में उलझे हुए थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक असद की सेना वर्षों के युद्ध से नष्ट हो चुकी थी और कई सैनिक तो उनके पक्ष में लड़ना भी नहीं चाहते थे।

असद की सत्ता का पतन रूस और ईरान के लिए बड़ा झटका है, जिन्होंने इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सहयोगी खो दिया है।

–आईएएनएस

ईरान की 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 यूएवी को क‍िया निष्क्रिय: यूएई

अबू धाबी । संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने बुधवार को ईरान से दागी गई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27...

मध्य पूर्व तनावों के बीच कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, सोना करीब 800 रुपए सस्ता तो चांदी 2,400 रुपए से ज्यादा फिसली

मुंबई । मध्य पूर्व में बढ़ते तनावों के बीच बुधवार के कारोबारी सत्र में कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों...

मध्य प्रदेश में जनसेवा मित्रों को हटाना युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय: जीतू पटवारी

भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की मोहन सरकार द्वारा जनसेवा मित्रों को हटाने के निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह...

पालम अग्निकांड: सीएम रेखा गुप्ता ने जताया शोक, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

नई दिल्ली । पश्चिमी दिल्ली के पालम इलाके में बहुमंजिला आवासीय इमारत में लगी भीषण आग की घटना पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने...

फिल्मी दुनिया के लोगों को धर्म के दायरे में बांधकर नहीं देखना चाहिए : मौलाना साजिद रशीदी

नई दिल्ली । फिल्म अभिनेत्री सारा अली खान अगर केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर का दर्शन करना चाहती हैं तो उन्हें अपनी आस्था का शपथ पत्र देना होगा। मंदिर कमेटी ने फैसला लिया...

उत्तर प्रदेश को कैबिनेट की बड़ी सौगात; 6,969 करोड़ रुपए की लागत से बाराबंकी-बहराइच 4-लेन हाईवे को दी मंजूरी नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे बनाने की परियोजना को मंजूरी दे दी। इस परियोजना पर लगभग 6,969.04 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह 101.515 किलोमीटर लंबे एनएच-927 को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में एनएच-927 के बाराबंकी-बहराइच सेक्शन को अपग्रेड करने से इस इलाके में मौजूद सड़क की कई तकनीकी समस्याएं दूर होंगी। अभी यहां तेज मोड़, खराब ज्यामितीय डिजाइन और आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। नई 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क और लगातार सर्विस रोड बनने से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हाईवे बड़े कस्बों और गांवों के बीच से गुजरने के बजाय उन्हें बाईपास करेगा। इससे वाहनों की औसत गति बढ़ेगी और यात्रा का समय घटकर करीब एक घंटे रह जाएगा। इसके अलावा सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, ईंधन की बचत होगी और वाहनों के संचालन की लागत भी कम होगी। साथ ही इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना राज्य के कई महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी। अपग्रेड होने के बाद यह कॉरिडोर तीन आर्थिक केंद्रों, दो सामाजिक केंद्रों और 12 लॉजिस्टिक्स केंद्रों से जुड़ जाएगा, जिससे रुपईडीहा लैंड पोर्ट और हवाई अड्डों से बेहतर मल्टीमोडल कनेक्टिविटी होगी और इस प्रकार पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सकेगी। परियोजना पूरी होने के बाद यह सड़क भारत और नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन के लिए एक अहम कॉरिडोर बनकर उभरेगी। खासतौर पर नेपालगंज सीमा के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रुपईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुंच आसान होगी। इससे बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरदराज जिलों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यह परियोजना पीएम गतिशक्ति के तहत आर्थिक और लॉजिस्टिक्स नोड्स को मजबूत करेगी और कृषि व्यापार, पर्यटन, सीमा पार व्यापार तथा क्षेत्रीय निवेश को बढ़ावा देगी। सरकार ने इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत मंजूरी दी है। यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) का एक मॉडल है, जिसमें 40 प्रतिशत लागत सरकार और 60 प्रतिशत निजी क्षेत्र वहन करता है। इससे डेवलपर्स पर वित्तीय दबाव कम होता है और उन्हें स्थिर रिटर्न मिलता है, जबकि राजस्व से जुड़ा जोखिम सरकार अपने पास रखती है। इस महीने आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति द्वारा मंजूर की गई यह दूसरी बड़ी हाईवे परियोजना है। इससे पहले 10 मार्च को 3,630.77 करोड़ रुपए की लागत से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक नई सड़क कनेक्टिविटी बनाने को मंजूरी दी गई थी। करीब 31.42 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स को बड़ा फायदा होगा। –आईएएनएस डीबीपी

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे बनाने...

मिडिल ईस्ट संकट का असर: पाकिस्तान में बोझ सरकार उठाएगी या आम जनता?

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद सरकार ने दो महीने के लिए...

किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने को सबसे ज्यादा...

उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए एक नींव के रूप में काम करेगा: मनु गौड़

देहरादून । उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य मनु गौड़ ने कहा कि उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए एक नींव के रूप...

सीएम ममता लगातार हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान दे रहीं : भाजपा प्रवक्ता भारती घोष

कोलकाता । भाजपा पश्चिम बंगाल मुख्यालय, 6 मुरलीधर सेन लेन से पूर्व आईपीएस अधिकारी और पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता भारती घोष ने राज्य के मौजूदा गंभीर मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस...

भागलपुर में बोले सीएम नीतीश कुमार, बिहार को विकसित राज्यों में शामिल कराना सरकार का लक्ष्य

भागलपुर । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को अपनी समृद्धि यात्रा के तहत भागलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के लिए 442 करोड़ रुपए की लागत से 144 विकासात्मक योजनाओं...

कांग्रेस ने केरल विधानसभा चुनाव के लिए जारी की 55 प्रत्याशियों की लिस्ट

नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने केरलम (पहले केरल) समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस बीच दक्षिण भारतीय...

admin

Read Previous

किसानों की 300 एकड़ जमीन पर वक्फ बोर्ड ने किया दावा, औरंगाबाद कोर्ट में डाली याचिका

Read Next

दक्षिण कोरिया : पूर्व रक्षा मंत्री देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com