बेंगलुरु । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेंगलुरु शहर में अवैध रूप से आए करीब 2 लाख बांग्लादेशी नागरिकों के बसने की आशंका जताई है। पार्टी ने कर्नाटक सरकार से अवैध रूप से बसे बांग्लादेशियों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) बनाने की मांग की है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि, “शक है कि अकेले बेंगलुरु शहर में करीब दो लाख बांग्लादेशी अप्रवासी बसे हुए हैं।” उन्होंने गृह मंत्री परमेश्वर के हवाले से कहा कि अवैध रूप से बसे बांग्लादेशी खुद यह मान रहे हैं कि अकेले बेंगलुरु शहर में लगभग दो लाख लोग रह रहे हैं।
आर. अशोक ने कहा, “पिछले हफ्ते पुलिस के अभियान में 71 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। मानव तस्करी जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी घुसपैठिए नकली आधार कार्ड और पासपोर्ट का इस्तेमाल करके अदालतों में बेझिझक जमानत मांग रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही चौंकाने वाला घटनाक्रम है और अगर स्थिति इसी तरह बनी रही, तो इसका हमारे राज्य की शांति, सामाजिक सद्भाव और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रतिकूल परिणाम होगा।”
इससे पहले, कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा था कि बांग्लादेशी नागरिक बेंगलुरु में बस रहे हैं, क्योंकि यह एक शांतिपूर्ण शहर है और उन्होंने कर्नाटक पुलिस विभाग को इस संबंध में जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। हालांकि, उन्होंने भाजपा नेताओं और अन्य संगठनों की ओर से सतर्कता बरतने के खिलाफ चेतावनी दी।
राज्य के गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक (डीजी और आईजीपी) एम.ए. सलीम और बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह को बेंगलुरु के साथ-साथ पूरे राज्य में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा, “वे इस बारे में तथ्यों की जांच करेंगे कि वे कहां रह रहे हैं और क्या उनके पास दस्तावेज हैं। जांच से पता चलेगा कि उन्होंने ये दस्तावेज कैसे और कहां से प्राप्त किए। वे ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे बिल्कुल भी बांग्लादेशी नहीं हैं। हम इसकी पुष्टि करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। हम पहले ही बांग्लादेशियों को वापस भेज चुके हैं।”
–आईएएनएस











