पटना । बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कांग्रेस, राजद और राज्य के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के रिश्ते कभी अच्छे नहीं रहे, क्योंकि कांग्रेस हमेशा खुद को आगे बढ़ाने पर ही ध्यान देती है।
बिहार चुनावों का जिक्र करते हुए जायसवाल ने आईएएनएस से कहा, “अगर थोड़ा पीछे देखें, तो चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव को सड़कों पर उतरने के लिए तो तैयार किया, लेकिन जब मुख्यमंत्री चेहरे को सामने लाने की बात आई, तो राहुल गांधी कई दिनों तक इससे बचते रहे। कांग्रेस किसी भी क्षेत्रीय पार्टी को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहती और इसलिए दोनों के बीच तालमेल हमेशा कमजोर रहा है।”
रोजगार योजनाओं पर बोलते हुए मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद के जरिए जो काम हुआ है, उसे जनता के सामने रखा गया है और विपक्ष ने भी अपनी बातें कही हैं, लेकिन विपक्ष यह नहीं बता पाता कि जिस योजना को आज महात्मा गांधी के नाम से जाना जाता है, उसका पुराना नाम जवाहर रोजगार योजना था।
राज्य के विकास को लेकर मंत्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल की तारीफ की। उन्होंने बताया कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के सपने को साकार करने के लिए नीतीश कुमार ने ‘समृद्धि यात्रा’ शुरू की है। हर कैबिनेट बैठक में यह साफ दिखाई देता है कि फोकस बिहार के विकास पर है। किसानों, महिलाओं और युवाओं की चिंता, रोजगार के अवसर पैदा करना, निवेशकों को आकर्षित करना, सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करना और बिजली परियोजनाओं को आगे बढ़ाना है। यही विकसित बिहार की राह है।
तेजस्वी यादव के राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “लालू परिवार और मुलायम सिंह यादव के परिवार में यह माना जाता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष या संगठनात्मक अध्यक्ष का पद विरासत में मिलता है। जन्म लेते ही ऐसे पदों पर दावा शुरू हो जाता है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी ऐसा हो सकता है कि तेजस्वी यादव के अलावा कोई और लालू यादव का बेटा न होते हुए भी इस पद तक पहुंचे। परंपरा यही रही है कि राजा का बेटा ही राजा बनता है। जन्म से ही चांदी और सोने के चम्मच के साथ विशेषाधिकार मिल जाते हैं।
–आईएएनएस











