नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)| दिल्ली के जोरबाग स्थित दरगाह शाहे मर्दा कर्बला की हजारों करोड़ की वक्फ संपत्ति पर कब्जे को लेकर अंजुमन हैदरी के सचिव बहादुर अब्बास द्वारा एक प्रेस वार्ता की गई। इसका मकसद करबला जोर बाग के खिलाफ रची जा रही साजिशों को बेनकाब करना था वहीं दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के पर भी कई आरोप लगाए गए। अंजुमन हैदरी ने यह उम्मीद जताई गई है कि जल्द ही अमानतुल्लाह खान के खिलाफ कर्बला की करोड़ो की जमीन को हड़पने और साजिश रचने, सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी करने के लिए सख्त कार्यवाही की जाएगी।
अंजुमन हैदरी के सचिव बहादुर अब्बास ने बताया कि, कर्बला जोरबाग कि वक्फ जायदाद पर तकरीबन पचास साल पुराना कब्जा लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद 2019 में खाली कराया गया था, दिल्ली वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने कोर्ट केस के दौरान भी वक्फ माफिया की भरपूर मदद की और ढाई एकड़ जगह जिसका किराया वक्फ एक्ट के लिहाज से 58 करोड़ रुपये सालाना होता है, अदालत में एफिडेविट देकर कहा गया कि इसका किराया कुल 27, हजार रुपये महीना होना चाहिए।
19 जनवरी को अमानतुल्लाह खान ने कर्बला दरगाह पर कब्जा करने की नियत से अपने दस्तखत से अंजुमन हैदरी को हटाने का नोटिस जारी कर दिया था, जो पूरी तरह से इनवैलिड था। वहीं 22 फरवरी को उप राज्यपाल के दखल देने के बाद पर जांच कराई गई और अमानतुल्लाह खान के आदेश को गैर कानूनी करार दिया है।
दरअसल इससे पहले इस मसले को शिया धर्म गुरु कल्वे जवाद द्वारा भी उठाया गया था। उन्होंने हाल में ही कहा था कि, अंजुमन हैदरी के सदस्यों को थर्ड डिग्री टॉर्चर की धमकी दी जा रही है। कर्बला जोरबाग की वक्फ संपत्ति से लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद वर्ष 2019 में अवैध कब्जा हटा था। उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानत उल्लाह पर माफिया का सहयोग करने का आरोप लगाया था, और दिल्ली पुलिस पर भी इस मसले पर साथ देने का आरोप लगाया था।
अंजुमन हैदरी के मुताबिक, वकील महमूद पराचा ने कोर्ट में इस एफिडेविट को गलत बताया गया, वक्फ माफिया को जमीन खाली करने का आदेश दिया गया और साथ ही 7 करोड़ रुपये हर्जाना के देने का भी आदेश हुआ। 17 करोड़ के आदेश के खिलाफ अंजुमन ए हैदेरी ने दिल्ली हाई कोर्ट में 1300 करोड़ रुपये की अपील दायर की है।
अपील दायर होते ही हम अमानतुल्लाह खान ने 2019 में अंजुमन हैदरी को हटाने का इल्लीगल ऑर्डर पास कर दिया और अश्जय पूजा जैदी, जिन पर 126 करोड़ के गबन का केस भी चल रहा है और उसकी सदारत में कुछ बेईमान लोगों को इकट्ठा करके एक इल्लीगल बनाई गई, ताकि 1300 करोड़ का केस वक्फ माफिया जीत सके।
–आईएएनएस











