दिल्ली। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर राजधानी के सैकड़ों अध्यापकों ने कई माह से वेतन और पेंशन न मिलने के विरोध में जंतर मंतर पर धरना दिया।
धरने को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के श्री अध्यक्ष रामपाल सिंह ने कहा कि 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन की सुविधा प्रदान नही की गई है जो कि उनके साथ अन्याय है। हम सरकार से मांग करते हैं कि नई पेंशन योजना को खत्म करके पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. रामचंद्र डबास ने कहा कि दिल्ली में निगम के शिक्षकों एवम पेंशनर्स को नियमित रूप से समय पर वेतन नहीं मिलता ।उत्तरी दिल्ली नगर निगम के करीब 8000 शिक्षकों को 4 माह से एवम पूर्वी दिल्ली नगर निगम के 6000 शिक्षकों को 5 माह से एवम दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के 8000 शिक्षको को एक माह से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली निगम के सेवनिवृत होने वाले कर्मचारियों को 2 वर्ष से सेवानिवृति के पश्चात होने वाले लाभ भी नही दिए गए हैं एवम सैंकड़ों शिक्षकों को अभी तक पेंशन मिलना शुरू भी नहीं हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि 7वे वेतन आयोग का एरियर भी अभी तक उत्तरी निगम के किसी कर्मचारी को नहीं मिला है। अत: आज शिक्षक समाज मजबूर होकर यहां धरने पर बैठा है। बहुत से परिवारों में जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में यदि सरकार ने उचित कदम नहीं उठाया तो मजबूर होकर शिक्षकों को कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।
ऑल इंडिया सेंट्रल एंप्लोयीज फेडरेशन के महासचिव प्रेम चंद ने कहा कि देश भर में शिक्षा को ठेकेदारी प्रथा से चलाया जा रहा है ।देश भर में अस्थाई शिक्षकों की भर्ती की हुई है जब आवश्कता हो तो नौकरी पर रखो अन्यथा निकाल दो। हम सरकार से मांग करते हैं कि सभी अस्थाई शिक्षकों को स्थाई किया जाए।
अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने कहा कि जब से दिल्ली नगर निगम को तीन भागों में बांटा गया है तभी से तीनों निगमों में वेतन पेंशन एवम एरियर की समस्या उत्पन्न हुई है। हम सरकार से मांग करते है कि जल्द से जल्द तीनों निगमों का एकीकरण किया जाए।
संघ के संरक्षक गिरिराज शर्मा ने अपने संबोधन में दिल्ली के शिक्षकों और पेंशनर्स को केंद्र के समान कैशलैस मेडिकल सुविधा की मांग की। ताकि कर्मचारी समय पर अपना उचित इलाज करवा सकें। एवम अर्थभाव के कारण उन्हे परेशानी न हो।
अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ के उप महासचिव नवीन सांगवान ने बताया अध्यापकों को अभी तक सितंबर माह का वेतन भी नही मिला है। जबकि वेतन का पैसा भी निगम प्रशासन को मिल चुका है परंतु अभी तक अध्यापकों को वेतन नही मिला है। इससे स्पष्ट संदेह पैदा होता है कि निगम प्रशासन ने शिक्षको को आवंटित धन राशि का पैसा कमीशन लेकर ठेकेदारो को बाँट दिया है या किसी अन्य मद मे खर्च कर दिया है। अत: सभी अध्यापक आज धरना देने पर मजबूर है।











