जम्मू । जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पुलिस ने एसडीएम के आदेशों के उल्लंघन को लेकर कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि रियासी जिले की पुलिस ने किरायेदार सत्यापन नियमों और अन्य कानूनी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपने अभियान को तेज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर किरायेदारों और सेवा प्रदाताओं का सत्यापन बेहद आवश्यक है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, डाबा मोड़ क्षेत्र में चलाए गए सत्यापन अभियान के दौरान बाणगंगा पुलिस चौकी की टीम ने जडसरकोट, उधमपुर निवासी चैन सिंह के शेड में बिना अनिवार्य सत्यापन के रह रहे किरायेदारों को पाया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एसडीएम के आदेशों के उल्लंघन के चलते की गई है।
इसी तरह एसएमवीडी ट्रैक पर की गई एक अन्य कार्रवाई में जम्मू के जंडियाल निवासी शबीर खान को अनाधिकृत टट्टू संचालक के रूप में काम करते हुए पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, वह बिना वैध पंजीकरण कार्ड के टट्टू संचालन कर रहा था, जिसके चलते उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
वहीं, काकरयाल क्षेत्र में कुन कन्याला पंथल, कटरा निवासी नजीर अहमद को बिना सत्यापन के सज्जाद अहमद डार और उसकी पत्नी डेजी जान को किराएदार के रूप में रखने का दोषी पाया गया, जिसके बाद उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई।
इसके अलावा, चंबा चंदवा, कटरा निवासी ओंकार सिंह को गिरफ्तार किया गया और बाद में न्यायालय द्वारा दंडित किया गया। पुलिस ने बताया कि यह पूरा अभियान बाणगंगा पुलिस चौकी के प्रभारी पीएसआई, काकरयाल पुलिस चौकी के प्रभारी पीपी और कटरा पुलिस स्टेशन के एसएचओ द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया, जिसकी निगरानी एसडीपीओ कटरा और एसपी कटरा द्वारा की जा रही थी।
एसएसपी रियासी ने दोहराया कि जिला पुलिस रियासी के सभी मकान मालिकों, किरायेदारों और सेवा प्रदाताओं से किरायेदार सत्यापन नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के उल्लंघन के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि श्रीनगर और जम्मू जिलों में भी कुछ मकान मालिकों, होटलों, लॉजिंग, गेस्ट हाउस और होम-स्टे के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, जहां बिना निर्धारित प्रक्रिया अपनाए मेहमानों, जिनमें कई बार विदेशी नागरिक भी शामिल होते हैं, को ठहरने की अनुमति दी गई थी।
–आईएएनएस











