बेंगलुरू:आयकर विभाग पर निशाना साधते हुए, एक फर्म ‘डिजाइनबॉक्स’ के प्रबंध निदेशक नरेश अरोड़ा, (जिन पर हाल ही में बेंगलुरु में आईटी विभाग ने छापा मारा था) ने कहा, “छापे स्पष्ट रूप से राजनीतिक थे और इस दौरान छापेमारी में आईटी अधिकारियों को कुछ भी नहीं मिला है।” उन्होंने कहा, “मैं यह बताना चाहता हूं कि डिजाइनबॉक्स के साथ-साथ मेरे और हमारे सहयोगियों पर आयकर छापे में कुछ भी नहीं मिला, जिसमें किसी भी तरह का कोई बेहिसाब कीमती सामान नहीं था।”
उन्होंने दावा किया, “हम कानून का पालन करने वाले नागरिक और करदाता हैं। छापे स्पष्ट रूप से राजनीतिक थे। उन्होंने मुझे और मेरे सहयोगियों को केवल इसलिए निशाना बनाया, क्योंकि हम विपक्ष और मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। छापे का मकसद एक स्व-निर्मित पेशेवर और राजनीतिक अभियान प्रबंधन फर्म को डराना था, ताकि हम भारत के मुख्य विपक्षी दल के लिए काम ना करें।”
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ताधारी कर्नाटक सरकार को इतनी ताकतवर होने के बाद भी विपक्ष के साथ काम करने वालों को डराने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “राजनीतिक उद्देश्य के लिए कर एजेंसियों का एकमुश्त दुरुपयोग लोकतंत्र नहीं करता है। हमने जो उत्पीड़न झेला है, वह अकेले हमारा नहीं है, यह राज्य की सत्ता के माध्यम से विपक्ष को दबाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।”
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के करीबी पर 12 अक्टूबर को बेंगलुरु में छवि और राजनीतिक सलाहकार फर्म ‘डिजाइनबॉक्स’ के खिलाफ आईटी छापे मारे गए थे।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार और असम और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रचार में शामिल रही है। जेडब्ल्यू स्थित नरेश अरोड़ा के कमरे पर आईटी ने छापा मारा था। मैरियट होटल और उनका कार्यालय शिवकुमार के आवास के पास है।
–आईएएनएस











