भारत ने वैश्विक साझेदारों से की एआई के लिए फ्रेमवर्क बनाने की अपील, जिससे यूजर को नुकसान से बचाया जा सके

भारत ने आज ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जीपीएआई) के सदस्य देशों से डेटा गवर्नेंस के बारे में नियमों और दिशानिर्देशों का एक समान फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की, ताकि यूजर्स को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। साथ ही, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
तीन दिवसीय जीपीएआई शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि यूजर्स यानी उपयोगकर्ता को नुकसान, अपराध और ऑनलाइन पर भरोसे को खतरे में डालने वाले मुद्दे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सबको उपयोगकर्ता के नुकसान के बारे में चिंता करनी चाहिए। मैं सदस्य देशों को डेटा गवर्नेंस, सुरक्षा और इंटरनेट एवं एआई पर भरोसा के संबंध में नियमों और दिशा-निर्देशों के एक समान फ्रेमवर्क विकसित करने के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करूंगा।’’

राजीव चंद्रशेखर ने टोक्यो में आयोजित शिखर सम्मेलन को मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। भारत ने एक दिन पहले जीपीएआई की अध्यक्षता ग्रहण की। यह जिम्मेदार और मानव-केंद्रित विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग का समर्थन करने के लिए 2020 में स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय पहल है।
वसुधैव कुटुम्बकम के भारत के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि इंडिया-स्टैक को खुले स्रोत के लिए डिजाइन किया गया है जिससे भारत में शासन-व्यवस्था और लोकतंत्र में बदलाव आया है और लाखों भारतीय नागरिक इससे लाभान्वित हुए हैं।

उन्होंने सुझाव देते हुए कहा, ‘‘हमारा विश्वास है कि जीपीएआई देशों के साथ सहयोग करके काॅमन एआई टेक्नोलोजीज और प्लेटफार्मों का निर्माण कर सकता है जिसका उपयोग सभी सदस्य देशों द्वारा किया जा सकता है। सचमुच इससे सभी भागीदार देशों के लोगों और नागरिकों को लाभ मिल सकता है।’’

उन्होंने एआई से संबंधित कौशल और प्रतिभा पैदा करने के लिए एक सामान्य फ्रेमवर्क विकसित करने पर जोर दिया। यह एक ऐसा क्षेत्र जिसमें भारत अग्रणी की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने एआई के भविष्य के निर्माण में एक साथ काम करने में सक्षम होने और तत्काल ऐसा करने में सक्षम होने के लिए सदस्य देशों में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित करने सहित सहयोगी अनुसंधान परियोजनाओं को शुरू करने के बारे में चर्चा की।
जीपीएआई अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य और सिंगापुर सहित 25 सदस्य देशों का एक समूह है। भारत 2020 में एक संस्थापक सदस्य के रूप में समूह में शामिल हुआ था।

यह भागीदारों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, उद्योग, नागरिक समाज, सरकारों और शिक्षा जगत के प्रमुख विशेषज्ञों के सहयोग से एआई के जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करता है और मानवाधिकारों, समावेश, विविधता, नवाचार और आर्थिक विकास पर आधारित एआई के जिम्मेदार विकास और उपयोग का मार्गदर्शन करता है।

———— इंडिया न्यूज़ स्ट्रीम

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