नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में नेहरू विहार डी2 के आसपास सोमवार रात दो स्कूटी सवार बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। चार राउंड गोलियां चलाने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना दयालपुर के एसएचओ परमवीर दहिय्या और पुलिस अधिकारी आनंद कुमार मौके पर पहुंचे। क्राइम टीम ने घटनास्थल से तीन खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि स्कूटी पर सवार संदिग्ध तेजी से आए और गोलीबारी के बाद फरार हो गए। इलाके में सन्नाटा छा गया और लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए थे।
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इलाके में दहशत बनाने के लिए बदमाशों ने हवाई फायरिंग की थी।
एसएचओ दहिय्या ने बताया, “हम आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन कर रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की तलाश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा की और इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। पुलिस ने आसपास के थानों को अलर्ट कर दिया है।
रशीद ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि अपराधियों ने रात को कॉलोनी में आकर गोलीबारी की, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी है।
इसी क्रम में दिल्ली के हरि नगर थाना पुलिस ने बुजुर्ग नागरिकों के साथ लूटपाट के मामले में तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये सदस्य कुख्यात “लिफाफा गिरोह” के हैं।
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह बुज़ुर्गों को लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बिठाता था। उसके बाद उनके सोने के गहने व नकदी लूटकर कागज के लिफाफों में नकली गहने थमाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने इनके पास से अपराध में इस्तेमाल की गई एक आई टेन कार, नकली नंबर प्लेट, कृत्रिम गहने और 22 कागज के लिफाफे बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी से चोरी के दो संगीन मामले सुलझाए गए हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में जानकारी तब हुई जब 18 जुलाई को एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि तीन लोगों ने उसे लिफ्ट देकर उसके सोने के झुमके और 4,000 रुपए छीन लिए।
आईएएनएस











