नयी दिल्ली इस बार विश्व पुस्तक मेले में प्रवेश निःशुल्क होने से बीस प्रतिशत अधिक पाठक मेले में आये।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने आज 9 दिवसीय मेले के समापन पर यह जानकारी दी है।1972 से शुरू हुए पुस्तक मेले में पहली बार मुफ्त प्रवेश दिया गया जिसका नतीजा है कि गत वर्ष की तुलना में 4 लाख से अधिक पुस्तक प्रेमी आये।
गत वर्ष 20 लाख से अधिक पुस्तक प्रेमी आये थे।इतना ही नहीं गत वर्ष की तुलना में न्यास की पुस्तकों की बिक्री भी अधिक हुई।
न्यास द्वारा आज शाम जारी विज्ञप्ति के अनुसार दस जनवरी से शुरू हुए मेले में न्यास के किताबों की बिक्री 30 प्रतिशत से अधिक हुई। मेले में 35 देशों के एक हज़ार से अधिक प्रकाशको ने भाग लिया और 600 से अधिक कार्यक्रम हुए जिसमे एक हज़ार वक्ताओं ने भाग लिया।मेले का उद्घटान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया।
मेले में गृह मंत्री अमित शाह भी आये थे तथा राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कुछ राज्यों के राज्यपाल भी।
प्रसिद्ध अभिनेत्री हेमामालिनी और पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी रमेश पोखरियाल निःशंक ने भी मेले में चर्चा में भाग लिया।
न्यास ने क़तर संस्कृति मंत्रालय नोशन प्रेस रजकमल प्रकाशन हार्पर कालिन्स आदि को सुंदर नवाचारी स्टाल के लिए विशेष प्रमाण पत्र दिए।
इस साल मेले की थीम भारतीय सेना थी और सेना से जुड़ी 500 किताबें प्रदर्शित की गई थी।
मेले में अर्जुन टैंक विक्रांत तेजस आदि की अनुकृति प्रदर्शित की गई थी और 21 परमवीर चक्र विजेताओं के अवदान को भी प्रदर्शित किया गया था।
मेले में 1971 के युद्ध करगिल युद्ध आदि को याद करते हुए उन की भूमिका पर चर्चा भी हुई।
इसके अलावा सेना के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।अगले वर्ष पुस्तक मेला 16 से 24 जनवरी तक होगा। अगला पुस्तक मेला भी फ्री होगा।
अगला पुस्तक मेला भी फ्री होगा।











