नई दिल्ली 16 जून। देश के 500 से अधिक बुद्धिजीवियों और जन संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से “मणिपुर गृह युद्ध ” के मामले में अपनी चुप्पी तोड़ने और हिंसा को तत्काल समाप्त करने की अपील की है। गौरतलब है कि मणिपुर में दो मैतेई और कुकी समुदायों के बीच चल रहे गृहयुद्ध में अब तक 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग घायल हैं तथा 50000 से अधिक लोगों को विस्थापित किया गया है।करींब 340 राहत शिविरों मेंविस्थापित लोगों को रखा गया है।
मणिपुर के 11 जिलों में कर्फ्यू लागू है।
इस बीच मणिपुर में कल केंद्रीय मंत्री आरके सिंह के घर को भी आग लगा दी गई और इससे पहले मणिपुर की महिला मंत्री की घर में भी आग लगाने की घटना हो चुकी है।
नेशनल कंफेडरेशन ऑफ वीमेन एसोसिएशन की एनी राजा औरप्रसिद्ध समाजिक कार्यकर्ता कविता कृष्णन द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में इन बुद्धिजीवी और जन संगठनों ने मणिपुर में महिलाओं के साथ हो रहे” बलात्कार” और “हिंसा” को भी रोकने की प्रधानमंत्री से अपील की है और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है ।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी और सुरक्षा बलों ने मणिपुर में विभाजन कारी नीतियां अपनाई जिसके कारण ये हालात पैदा हुए ।इसलिए इन नीतियों को तत्काल खत्म किया जाए और सभी पक्षों से तत्काल सीजफायर करने कीअपील की जाए।उन्होंने कहा है कि मणिपुर भयंकर रूप सेजलरहा है और वह चुप्पी लगाए बैठे हैं।उन्हें अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिये।
विज्ञप्ति पर राजदसंसाद मनोज झा , स्त्रीवादी विद्वान उमा चक्रवर्ती रूप रेखा वर्मा मनोरंजन मोहंती आनंद पटवर्धन राम पुनियानी ,इरफान इंजीनियर , जॉन दयाल शबनम हाशमी नंदिनी सुंदर गौहर रज़ा सुजाता मधोक ललिता रामदास आदित्य निगम जैसे लोगों के हस्ताक्षर हैं।इसके अलावा पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज झारखंड जनाधिकार महासभा नेशनल एलाइंस ऑफ पीपुल्स मूवमेंट ,अनहद विमेन अगेंस्ट सेक्सुअल वायलेंस आल इंडिया क्रांतिकारी किसान सभा सहेली ,जनशक्ति आदि शामिल हैं।
विज्ञप्ति में अदालत द्वारा संचालित एक ट्रिब्यूनल और फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का भी मांग की गई है ताकि मणिपुर हिंसासे जुडे मामलों को तत्काल सुलझाया जा सके। इसक इस हिंसा से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिलवाने के लिए अदालत द्वारा एक समिति का गठन किया जाए ताकि वह न्यायप्रिय ढंग से मुआवजा वितरित करने में अपनी भूमिका निभा सके।
––इंडिया न्यूज स्ट्रीम











