कॉमन एंट्रेंस टेस्ट से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला, डीयू लेगा अपना अलग एंट्रेंस टेस्ट

नई दिल्ली, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)| केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय चाहता है कि आगामी सत्र से देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले ‘सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट’ के जरिए किए जाएं। इसके लिए आवश्यक तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। देश भर के सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों को इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश व संवाद किया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय का अपना अलग ‘सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम टेस्ट’ आयोजित किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय एवं यूजीसी द्वारा दिए गए निदेशरें के बाद अब अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालय भी इस और तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि अगले शैक्षणिक सत्र 2022 -2023 से दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय समेत अन्य ऐसे सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला केवल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट से संभव हो सकेगा।

मौजूदा व्यवस्था के तहत अधिकांश विश्वविद्यालयों में 12वीं कक्षा में प्राप्त किए गए अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। छात्रों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए अलग-अलग तिथियों पर संबंधित विश्वविद्यालय के फॉर्म भरने होते हैं। मनचाहे विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं मिल पाने पर छात्र उन विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों का रुख करते हैं, जहां दाखिले के लिए सीटें शेष बची रह जाती हैं।

यूजीसी के अनुसार, केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) शैक्षणिक सत्र 2022-2023 से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।

उधर दूसरी ओर शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी के दिशा निदेशरें पर अमल करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल (एसी) ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 से स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के प्रस्ताव को पारित कर दिया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा पारित किए गए इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले इसे विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल से मंजूरी दिलवाना आवश्यक है। विश्वविद्यालय एग्जीक्यूटिव काउंसिल 17 दिसंबर को इस विषय में अहम निर्णय लेने जा रही है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य अशोक अग्रवाल इस नए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। अग्रवाल के मुताबिक इस तरह का कॉमन एंटरेंस टेस्ट बिना तैयारी के लाया जा रहा है। इसमें कई खामियां हैं जिसके कारण गरीब बच्चों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। इसे लेकर अभी और चर्चा की जानी चाहिए जिसके बाद ही यह कॉमन एंट्रेंस टेस्ट अमल में लाया जा सकता है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक कांउसिल के पूर्व सदस्य एवं प्रोफेसर हंसराज सुमन ने कहा बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय का अपना एक अलग कॉमन एंट्रेंस टेस्ट होगा। इस टेस्ट के माध्यम से केवल दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में ही दाखिले संभव होंगे। विश्वविद्यालय जो नियम तय करने जा रहा है उनके मुताबिक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट और 12वीं में प्राप्त किए गए अंकों का को 50-50 फीसदी वेटेज दिया जाएगा।

हालांकि हंसराज सुमन भी इस फैसले के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि इस प्रकार के कॉमन एंट्रेंस टेस्ट से दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला दिलवाने के लिए नए-नए कोचिंग सेंटर की मशरूमिंग हो जाएगी। गरीब बच्चे इस सिस्टम से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे। 12वीं कक्षा में हासिल किए गए अंक उन्हें दाखिला दिलाने में पहले की तरह उतनी मदद नहीं कर सकेंगे।

यूजीसी का कहना है कि कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) शैक्षणिक सत्र 2022-2023 से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से आयोजित किया जा सकता है।

यूजीसी ने यह भी कहा है कि पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए नेट स्कोर का उपयोग किया जाएगा।

–आईएएनएस

इजरायल-लेबनान सीजफायर का वैश्विक स्तर पर स्वागत, खाड़ी देशों ने उल्लंघन से बचने पर दिया जोर

नई दिल्ली । इजरायल और लेबनान के बीच दस दिनों का सीजफायर हुआ है। सीजफायर की खबर से लेबनान के लोगों में खुशी और जश्न का माहौल है। लोग खुशी...

सीजफायर के दौरान इजरायल दक्षिणी लेबनान में 10 किमी का सुरक्षा जोन बनाए रखेगा : नेतन्याहू

यरूशलम । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायल दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा।...

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल-लेबनान सीजफायर का किया स्वागत

बेरूत । इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हो...

होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए मैक्रों और स्टार्मर करेंगे ग्लोबल मीटिंग की मेजबानी, लगभग 40 देशों के नेता होंगे शामिल

नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के ट्रांजिट को लेकर काफी मुश्किलें आ रही है। एक तरफ ईरान होर्मुज पर...

होर्मुज स्ट्रेट खुला, ईरान पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी: डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन । मिडिल ईस्ट में युद्धविराम के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वाणिज्यिक जहाजों के लिए “पूरी तरह खुला” घोषित किया गया है। हालांकि, अमेरिका ने संकेत दिया है कि...

अमेरिका ने ईरान वार्ता में प्रगति के दिए संकेत, कहा-समझौते की संभावनाओं को लेकर हैं आश्वस्त

वॉशिंगटन । व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत “सार्थक और जारी” है। हालांकि होरमुज़ जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव अब भी वार्ता की गति और परिणाम...

ईरान की कमर तोड़ने के लिए अमेरिका ने तेल व्यापार से जुड़े देशों को दी सेकेंडरी बैन की चेतावनी

वॉशिंगटन । पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान की वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी सरकार अब तेहरान को घेरने के लिए दूसरा तरीका अपना रही है। अमेरिका का कहना है कि ईरान...

ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद हो रही वार्ता का किया स्वागत

वॉशिंगटन । अमेरिका ने एक बार फिर से साफ किया है कि इजरायल और लेबनान के बीच संभावित सीजफायर ईरान के साथ उसकी बातचीत का हिस्सा नहीं है। अमेरिका के...

ईरान ने यूरेनियम संवर्धन के अधिकारों पर समझौते से किया इनकार, यूएस पर युद्ध भड़काने का लगाया आरोप

तेहरान । ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान अपने न्यूक्लियर संवर्धन अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा। सरकारी मीडिया ने गुरुवार को बताया कि...

ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर पहुंचे भारत, द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा

नई दिल्ली । ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर बुधवार को अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे। क्रिश्चियन स्टॉकर इस दौरे पर व्यापार, निवेश और नई तकनीक जैसे खास...

अमेरिका के बिना होर्मुज मिशन की योजना बना रहा है यूरोप : रिपोर्ट

वाशिंगटन । यूरोपीय देश अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से ज्यादा समय तक चले संघर्ष के बाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक योजना तैयार कर रहे हैं। यूरोपीय...

मध्य-पूर्व का संघर्ष वैश्विक विकास के लिए खतरा, मुद्रास्फीति की आशंकाएं बढ़ीं

वाशिंगटन । मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष...

editors

Read Previous

लखीमपुर खीरी हिंसा : वायरल वीडियो में दिखाया गया मंत्री का वाहन किसानों को कुचल रहा है

Read Next

नवरात्रि शुरू होते ही हिमाचल के मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com