तियानजिन । भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रविवार को चीन के तियानजिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक की जानकारी दी।
विक्रम मिसरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन के तियानजिन दौरे पर हैं। वे शनिवार की शाम को तियानजिन पहुंचे, जहां मेजबान सरकार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके बाद तियानजिन में भारतीय समुदाय ने एक जीवंत सांस्कृतिक स्वागत किया। आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात हुई।
उन्होंने भारत-चीन की द्विपक्षीय बैठक पर कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए चार सुझाव दिए, जिसमें रणनीतिक संचार को मजबूत करना और आपसी विश्वास को गहरा करना, आदान-प्रदान और सहयोग का विस्तार करना, पारस्परिक लाभ वाले परिणाम प्राप्त करना, एक-दूसरे की चिंताओं को ध्यान में रखना और साझा हितों की रक्षा के लिए बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना शामिल है। इन सभी सुझावों पर प्रधानमंत्री मोदी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
विदेश सचिव ने कहा, “इस समय, मैं आपका ध्यान सीमा विवाद पर भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की वार्ता के परिणामों की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जो दो सप्ताह से भी कम समय पहले नई दिल्ली में आयोजित हुई थी। आज की बैठक में दोनों नेताओं ने इन परिणामों और उस दौर की वार्ता के निर्णयों का सकारात्मक मूल्यांकन किया।
उन्होंने आगे कहा कि बहुपक्षीय मंचों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों और चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने एससीओ की चीन की अध्यक्षता और तियानजिन में होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने राष्ट्रपति शी को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी आमंत्रित किया, जिसकी मेजबानी भारत 2026 में करेगा।
विक्रम मिस्री ने कहा, “आज शाम को कुछ देर पहले प्रधानमंत्री ने म्यांमार के सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी पड़ोसी प्रथम और एक्ट ईस्ट नीतियों के तहत म्यांमार के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है।
उन्होंने कहा कि कुछ देर पहले शाम को प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा अतिथि नेताओं के सम्मान में आयोजित 25वें एससीओ शिखर सम्मेलन के आधिकारिक स्वागत समारोह में भाग लिया। प्रधानमंत्री सोमवार को शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे, जहां वे एससीओ के अंतर्गत क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करेंगे।
–आईएएनएस