महाराष्ट्र : मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच का सामना कर रहे मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह इस समय कहां हैं इसका पता नहीं चल पा रहा है। ऐसी खबरें सामने आईं हैं कि वह देश छोड़कर रूस भाग गए हैं। इस मामले में महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि जांच एजेंसियों को परमबीर सिंह के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि हमने परमबीर सिंह के खिलाफ लुकआउट सर्कूलर जारी किया था, यदि वह देश छोड़कर चले गए हैं, तो यह ठीक नहीं है। इस बीच सीबीआई ने वीरवार को राज्य के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे और डीजीपी संजय पांडे को तलब किया है। सीबीआई राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपए की वसूली के आरोपों की जांच कर रही है। सीबीआई के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है।
मुंबई और ठाणे के पूर्व पुलिस आयुक्त रह चुके परमबीर सिंह के खिलाफ जबरन वसूली की कम से कम चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि गृह विभाग ने इन मामलों में प्रत्येक आरोपी अधिकारी की भूमिका के बारे में अधिक जानकारी मांगने के लिए डीजीपी के प्रस्ताव को वापस कर दिया।
परमबीर सिंह के अलावा, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रैंक के अधिकारियों को प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है। उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित घर एंटीलिया के पास विस्फोटकों से लदी एसयूवी के मामले में एनआईए द्वारा मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को गिरफ्तार किए जाने के बाद सिंह का मार्च 2021 में मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से तबादला कर दिया गया था।
राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को मार्च में लिखे पत्र में सिंह ने आरोप लगाए थे कि देशमुख ने पुलिस अधिकारियों से मुंबई के बार और होटल मालिकों से वसूली करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि देशमुख ने वाजे से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने के लिए कहा था। तमाम आरोपों के बाद पूर्व गृहमंत्री के खिलाफ सीबीआई ने जांच शुरू की थी। इसके बाद देशमुख ने पद से इस्तीफा दे दिया था।
——— इंडिया न्यूज स्ट्रीम











