राजस्थान में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतें नए निचले स्तर पर पहुंचना एक ऐतिहासिक उपलब्धि : अमिताभ कांत

नई दिल्ली । पूर्व जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने सोमवार को राजस्थान में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतें नए निचले स्तर पर पहुंचने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

कांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राजस्थान ने भारत में अब तक के सबसे कम बैटरी एनर्जी स्टोरेज कीमत 1.77 लाख रुपए प्रति मेगावाट के साथ एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो ग्रिड विश्वसनीयता को मजबूत करेगी, रिन्यूएबल एनर्जी अपनाने में तेजी लाएगी। साथ ही, भारत के लिए क्लीन एनर्जी को पहले से अधिक किफायती बनाएगी।”

सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतें एक नए निचले स्तर पर पहुंचना पीक पावर डिमांड के दौरान सोलर पावर की उपलब्धता को लेकर एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरवीयूएनएल) द्वारा 1,000 मेगावाट/2,000 मेगावाट प्रति घंटा बीईएसएस रिवर्स नीलामी के लिए 8 अक्टूबर को शुरू हुई बोली में रिकॉर्ड 48 बोलीदाताओं ने भाग लिया और 11 बोलीदाताओं ने 1.77-1.78 लाख रुपए प्रति मेगावाट की पेशकश की, जो देश में अब तक किसी भी भंडारण बोली के लिए सबसे कम है। इससे पहले नवंबर 2024 में न्यूनतम बोली 2.21 लाख रुपए प्रति मेगावाट थी।

इसके अलावा, बैटरी एनर्जी स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल 30 गीगावाट प्रति घंटा बैटरी स्टोरेज के लिए वीजीएफ स्कीम को मंजूरी दे चुके हैं। इस वर्ष जून में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में इस स्कीम को मंजूरी दिए जाने की घोषणा की।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, “केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि ऊर्जा सुरक्षा और रिन्यूएबल इंटीग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए, विद्युत मंत्रालय ने पहले से चल रही 13.2 गीगावाट प्रति घंटा क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के अतिरिक्त, 30 गीगावाट प्रति घंटा क्षमता वाली बीईएसएस के लिए वाइबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना को मंजूरी दे दी है।”

विद्युत मंत्रालय की ओर से कहा गया कि 5,400 करोड़ रुपए की इस योजना का लक्ष्य 2028 तक देश की बीईएसएस आवश्यकता को पूरा करते हुए 33,000 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करना है।

–आईएएनएस

बिहार : एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन सख्त, जमुई में 27 सिलेंडर जब्त, एक गिरफ्तार

जमुई । बिहार में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। इसी कड़ी में जमुई जिले में शुक्रवार को जिला प्रशासन...

राजस्थान में मस्जिद के अंदर जलाए गए युवक की मौत, आरोपी फरार

जयपुर । अधिकारियों ने शुक्रवार को पुष्टि की कि एक मजदूर के तौर पर काम करने वाले युवक की, जिसे एक झगड़े के बाद मस्जिद के टॉयलेट में बंद करके...

ईरान की 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 यूएवी को क‍िया निष्क्रिय: यूएई

अबू धाबी । संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने बुधवार को ईरान से दागी गई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27...

मध्य पूर्व तनावों के बीच कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, सोना करीब 800 रुपए सस्ता तो चांदी 2,400 रुपए से ज्यादा फिसली

मुंबई । मध्य पूर्व में बढ़ते तनावों के बीच बुधवार के कारोबारी सत्र में कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों...

मध्य प्रदेश में जनसेवा मित्रों को हटाना युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय: जीतू पटवारी

भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की मोहन सरकार द्वारा जनसेवा मित्रों को हटाने के निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह...

पालम अग्निकांड: सीएम रेखा गुप्ता ने जताया शोक, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

नई दिल्ली । पश्चिमी दिल्ली के पालम इलाके में बहुमंजिला आवासीय इमारत में लगी भीषण आग की घटना पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने...

फिल्मी दुनिया के लोगों को धर्म के दायरे में बांधकर नहीं देखना चाहिए : मौलाना साजिद रशीदी

नई दिल्ली । फिल्म अभिनेत्री सारा अली खान अगर केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर का दर्शन करना चाहती हैं तो उन्हें अपनी आस्था का शपथ पत्र देना होगा। मंदिर कमेटी ने फैसला लिया...

उत्तर प्रदेश को कैबिनेट की बड़ी सौगात; 6,969 करोड़ रुपए की लागत से बाराबंकी-बहराइच 4-लेन हाईवे को दी मंजूरी नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे बनाने की परियोजना को मंजूरी दे दी। इस परियोजना पर लगभग 6,969.04 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह 101.515 किलोमीटर लंबे एनएच-927 को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में एनएच-927 के बाराबंकी-बहराइच सेक्शन को अपग्रेड करने से इस इलाके में मौजूद सड़क की कई तकनीकी समस्याएं दूर होंगी। अभी यहां तेज मोड़, खराब ज्यामितीय डिजाइन और आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। नई 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क और लगातार सर्विस रोड बनने से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हाईवे बड़े कस्बों और गांवों के बीच से गुजरने के बजाय उन्हें बाईपास करेगा। इससे वाहनों की औसत गति बढ़ेगी और यात्रा का समय घटकर करीब एक घंटे रह जाएगा। इसके अलावा सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, ईंधन की बचत होगी और वाहनों के संचालन की लागत भी कम होगी। साथ ही इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना राज्य के कई महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी। अपग्रेड होने के बाद यह कॉरिडोर तीन आर्थिक केंद्रों, दो सामाजिक केंद्रों और 12 लॉजिस्टिक्स केंद्रों से जुड़ जाएगा, जिससे रुपईडीहा लैंड पोर्ट और हवाई अड्डों से बेहतर मल्टीमोडल कनेक्टिविटी होगी और इस प्रकार पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सकेगी। परियोजना पूरी होने के बाद यह सड़क भारत और नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन के लिए एक अहम कॉरिडोर बनकर उभरेगी। खासतौर पर नेपालगंज सीमा के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रुपईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुंच आसान होगी। इससे बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरदराज जिलों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यह परियोजना पीएम गतिशक्ति के तहत आर्थिक और लॉजिस्टिक्स नोड्स को मजबूत करेगी और कृषि व्यापार, पर्यटन, सीमा पार व्यापार तथा क्षेत्रीय निवेश को बढ़ावा देगी। सरकार ने इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत मंजूरी दी है। यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) का एक मॉडल है, जिसमें 40 प्रतिशत लागत सरकार और 60 प्रतिशत निजी क्षेत्र वहन करता है। इससे डेवलपर्स पर वित्तीय दबाव कम होता है और उन्हें स्थिर रिटर्न मिलता है, जबकि राजस्व से जुड़ा जोखिम सरकार अपने पास रखती है। इस महीने आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति द्वारा मंजूर की गई यह दूसरी बड़ी हाईवे परियोजना है। इससे पहले 10 मार्च को 3,630.77 करोड़ रुपए की लागत से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक नई सड़क कनेक्टिविटी बनाने को मंजूरी दी गई थी। करीब 31.42 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स को बड़ा फायदा होगा। –आईएएनएस डीबीपी

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे बनाने...

मिडिल ईस्ट संकट का असर: पाकिस्तान में बोझ सरकार उठाएगी या आम जनता?

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद सरकार ने दो महीने के लिए...

किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने को सबसे ज्यादा...

उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए एक नींव के रूप में काम करेगा: मनु गौड़

देहरादून । उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य मनु गौड़ ने कहा कि उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए एक नींव के रूप...

सीएम ममता लगातार हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान दे रहीं : भाजपा प्रवक्ता भारती घोष

कोलकाता । भाजपा पश्चिम बंगाल मुख्यालय, 6 मुरलीधर सेन लेन से पूर्व आईपीएस अधिकारी और पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता भारती घोष ने राज्य के मौजूदा गंभीर मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस...

admin

Read Previous

दुर्गापुर रेप केस पर बोलीं ममता बनर्जी, ‘मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा’

Read Next

झारखंड, मिजोरम और जम्मू-कश्मीर में उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com