डिब्रूगढ़ । असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि राज्य की जीडीपी का आकार 2027 तक 10 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगा।
77वें गणतंत्र दिवस समारोह में डिब्रूगढ़ के खानिकर परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य के तेज आर्थिक विकास के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की जीडीपी 13 से 15 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रही है और 2027 तक यह 10 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को छू सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व आर्थिक मंच में असम की पहली भागीदारी एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो राज्य के ऐतिहासिक रूप से पिछड़े क्षेत्र से वैश्विक स्तर पर जुड़े और निवेश के लिए तैयार गंतव्य बनने की दिशा में बदलाव का संकेत देती है।
उन्होंने कहा कि यह भागीदारी असम की आर्थिक क्षमता में बढ़ते राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विश्वास को दर्शाती है। पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य ने संस्कृति, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा और शांति स्थापना सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति दर्ज की है।
उन्होंने कहा कि बिहू, झुमौर और बागुरुम्बा जैसे पारंपरिक नृत्य रूपों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है, जबकि असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और गणतंत्र दिवस को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनः पुष्टि बताया।
उन्होंने डॉ. बी.आर.अंबेडकर को संविधान का मुख्य निर्माता बताया और कहा कि संविधान आज भी भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का मार्गदर्शन करता है।
रोजगार के विषय पर उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शी भर्ती पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके परिणामस्वरूप 1.56 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।
एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहल की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम भारत का पहला राज्य होगा जहां सरकारी अस्पतालों में प्रोटॉन थेरेपी की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे उन्नत कैंसर देखभाल को काफी मजबूती मिलेगी।
–आईएएनएस











