मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने घोषणा करने वाले पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने लखनऊ में नज़रबंद कर दिया है। ठाकुर ने दावा है की वह जनसम्पर्क के लिए गोरखपुर जा रहे थे। लेकिन गोमतीनगर पुलिस ने उनको रोक कर रेल विहार कॉलोनी में नज़रबंद कर दिया।
पूर्व आईपीएस ठाकुर के अनुसार 21 अगस्त की सुबह 8 बजे उनको बस्ती, खलीलाबाद के रस्ते गोरखपुर जाना था। जहाँ उनको गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करना था। ठाकुर ने सोशल मीडिया “ट्विटर” पर शनिवार की सुबह लिखा कि “4/6 रेल विहार कॉलोनी, गोमती नगर में पुलिस घेरे में हूं। यह चिट्ठी दी पर एसीपी ने जाने से मना कर दिया है। आगे की बात बताऊंगा। अरेस्ट संभव है। दूसरे पक्ष में डर बहुत ज्यादा है। जाने देने से बहुत डर रहे है।
ठाकुर ने अपनी एसीपी को सम्बोधित चिठ्ठी भी सोशल मीडिया पर डाला है। जिसमे उन्होंने अपनी हिरासत को ग़ैर-क़ानूनी बताया है। चिठ्ठी पर 21 अगस्त की तारीख़ और सुबह 07:51 का समय पड़ा है। प्राप्त समाचार के अनुसार सुबह ठाकुर अपने घर से निकलकर पास की रेल विहार कॉलोनी में अपने एक मित्र के घर गए थे। तभी वहां पुलिस पहुंचीं और एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने ठाकुर को वहीं रोक लिया और उनसे कहा कि वह गोरखपुर नहीं जा सकते हैं।
रेल विहार कॉलोनी में ठाकुर के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। जहां से कुछ देर बाद पूर्व आईपीएस को उनके घर भेज दिया गया। हालांकि घर के बाहर और आस-पास पुलिस तैनात है।
उल्लेखनीय है कि अमिताभ ने एक हफ्ते पहले मुख़्यमंत्री योगी के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।ठाकुर ने कहा था की जिस सीट से भी योगी लड़ेंगे वही से वह भी चुनाव मैदान में उतरेंगे।
वह आज योगी के खिलाफ चुनावी जनसंपर्क के लिए गोरखपुर जा रहे थे। चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा था की प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार एक “तानाशाह ” हुकूमत है। योगी के फैसले अलोकतांत्रिक होते हैं। ठाकुर ने हाथरस में दलित युवती के साथ उच्च जाति के चार लोगो द्वारा किये गए बलात्कार और हत्या के बाद वहाँ के ज़िलाधिकारी के निलंबन की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने गैंगस्टर विकास दुबे के एन्काउन्टर से पहले ही “एन्काउन्टर” की सम्भावना जताई थी।
जिसके कुछ दिनों बाद ठाकुर को आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद से मार्च में जबरन रिटायर किया गया था। अमिताभ ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस हैं। उन्होंने ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर से स्नातक और भारतीय प्रबंधन संस्थान से फेलोशिप किया है।
समाचार पत्रों के अनुसार उत्तर पुलिस का कहना है कि ठाकुर पर बलात्कार के आरोपी का साथ देने का आरोप है। इस आरोपों की जांच चल रही है। कमेटी ने गंभीर आरोप की जांच के लिए इन्हें तलब किया है। कमेटी के सामने ठाकुर पेश होना है। इससे पहले इन्हें लखनऊ से बाहर जाने से रोका गया था।एसीपी श्वेता श्रीवास्तव का कहना है कि ठाकुर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्हें केवल गोरखपुर जाने से रोका गया है।











