नई दिल्ली । तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक हुमायूं कबीर के ‘बाबरी मस्जिद’ संबंधी बयान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस पर भाजपा प्रवक्ता यासर जिलानी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हुमायूं कबीर केवल राजनीतिक लाभ और सरकार में अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए भड़काऊ बयान दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कबीर का यह बयान न केवल अनावश्यक है, बल्कि इससे बंगाल का साम्प्रदायिक सौहार्द भी बिगड़ सकता है।
यासर जिलानी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस्लाम में मस्जिदों के नाम किसी व्यक्ति, विशेषकर बाबर जैसे ऐतिहासिक विवादित व्यक्तियों के नाम पर रखने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबर भारत के ‘खंडित इतिहास’ का हिस्सा है और उसके नाम पर मस्जिद बनाने का प्रयास मुस्लिम समाज को गुमराह करने के समान है। जिलानी ने स्पष्ट कहा कि ‘बाबरी’ नाम पर मस्जिद बनाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा।
इसी क्रम में भाजपा प्रवक्ता यासर जिलानी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के जिहाद शब्द को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आपत्ति जताने वाले हालिया बयान पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि महमूद मदनी धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक व्यक्ति हैं और अपने भाषणों के माध्यम से धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। जिलानी ने कहा कि मदनी ने अपने भाषण में जिहाद की गलत व्याख्या पेश की और देश में मुसलमानों पर अत्याचार होने का बेबुनियाद आरोप लगाया, जबकि यह पूरी तरह झूठ है।
उन्होंने कहा कि मदनी यह दावा करते हैं कि जुल्म के खिलाफ खड़ा होना ही जिहाद है, जबकि उनके बयान का सार केवल ‘मुसलमानों पर जुल्म’ की कहानी कहकर कट्टरता को बढ़ावा देना है। जिलानी ने कहा कि मदनी का भाषण अशिक्षित और बेरोजगार लोगों को बरगलाने का प्रयास है। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सबके विकास और समान अधिकारों की बात करती है।
यासर जिलानी ने आरोप लगाया कि महमूद मदनी अपने राजनीतिक प्रभाव के कम होने से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जब मदनी राज्यसभा सदस्य थे, तब उन्हें देश में कोई ‘जुल्म’ नहीं दिखा, लेकिन अब सियासी हाशिए पर जाने के बाद वे माहौल को भड़काने वाले बयान दे रहे हैं। जिलानी ने कहा कि मौजूदा सरकार भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देती है, इसलिए ऐसे भड़काऊ भाषण समाज में नकारात्मकता फैलाने का काम करते हैं।
–आईएएनएस











