छात्रों को जल्द उपलब्ध हो सकती हैं हिंदी, उड़िया और मराठी में इंजीनियरिंग की पुस्तकें

नई दिल्ली: भारतीय भाषाओं में उच्च शिक्षा की पहल के अंतर्गत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इंजिनियरिंग की किताबों पर चर्चा हेतु एक खास कैलेंडर लॉन्च किया है। भारतीय भाषाओं और मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की तर्ज पर यह पहल की गई है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मुताबिक किताबों की सीरीज पर विचार-विमर्श का पहला हिस्सा 31 जनवरी 2023 को पूरा होगा। इस सेशन में हिंदी, उड़िया और मराठी मीडियम में इंजीनियरिंग किताबों पर चर्चा होगी। पांच प्रमुख क्षेत्रों के लिए दूसरे साल की इंजीनियरिंग की किताबों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इन पांच अलग-अलग पाठ्यक्रमों की किताबों में मैकनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्युनिकेशन, सिविल और कंप्यूटर साइंस शामिल है। एआईसीटीई का कहना है कि टेक्निकल एजुकेशन तक सभी की पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 29 नवंबर को इंजिनियरिंग की किताबों पर चर्चा हेतु कैलेंडर लॉन्च किया गया है। अलग-अलग भारतीय भाषाओं में अंडरग्रेजुएशन और डिप्लोमा लेवल की किताबों पर यह चर्चा कैलेंडर अनुसार की जानी है।

एआईसीटीई की इंजीनियरिंग की किताबों पर फरवरी 2023 से शुरू होने वाले विचार-विमर्श में दूसरी भाषाओं, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, पंजाबी, बंगाली, गुजराती, मलयालम, उर्दू और असमिया में छपने वाली किताबों पर चर्चा होगी।

एआईसीटीई के फैकल्टी डिवेलपमेंट सेल के निदेशक डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने 12 भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग की किताबों के विकास के लिए एआईसीटीई की पहल को समन्वित किया एआईसीटीई के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा निर्देशों के अनुसार शिक्षण व अध्यापन यथा संभव छात्रों हेतु मातृभाषा में होने चाहिए। यदि हम नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले विश्व के शीर्ष 10 राष्ट्रों का अध्ययन करें तो हम पाएंगे कि छात्र वहां प्रारंभिक शिक्षा से लेकर डॉक्टरेट तक का अध्ययन अपनी मातृभाषा में करते हैं।”

इंजीनियरिंग बुक्स पर हुए डिस्कशन में फस्र्ट ईयर की जिन बुक्स को कवर किया गया, उनमें मैथेमेटिक्स 1 एंड 2, एप्लाइड फिजिक्स-1, अप्लाइड केमिस्ट्री, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और एनवॉयरमेंटल साइंस शामिल है। यह सभी किताबें डिप्लोमा लेवल की हैं। ऑनलाइन पैनल डिस्कशन में अंडरग्रेजुएट लेवल की नौ किताबों पर चर्चा होगी, जिसमें केमिस्ट्री-1, प्रोग्रामिंग फॉर प्रॉब्लम सॉल्विंग, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स और डिजाइन, बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, वर्कशॉप, मैन्युफैक्च रिंग प्रैक्टिसेज, फिजिक्स (इंट्रोडक्शन टु इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थ्योरी) की किताबें शामिल हैं।

इसके अलावा फिजिक्स (इंट्रोडक्शन टु मैकेनिक्स), कंप्यूटर साइंस की इंजीनियरिंग ब्रांच मैथेमैटिक्स-1-कैलकुलस और लिनियर अल्जेब्रा भी पैनल डिस्कशन का हिस्सा बनेंगी। इसके अलावा इंजीनियरिंग के दूसरे साल की 5 किताबें भी इस डिस्कशन सीरीज का हिस्सा बनेंगी। इसमें पाइथन प्रोग्रामिंग, मैटलैब में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी वर्कशॉप, फ्लूइड मैकेनिक्स, फ्लूइड मशीन, डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और डाटा स्ट्रक्च र्स थ्योरी एंड प्रैक्टिकल शामिल होंगी।

एआईसीटीई के उपाध्यक्ष प्रोफेसर एम.पी. पुनिया ने कहा, सालों से हम तकनीकी शिक्षा में छात्रों की समझ और वैचारिक स्पष्टता को गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह तभी होगा जब हम उन्हें उनकी अपनी भाषा में सीखने का विश्वास दिला सकें। उच्च शिक्षा स्तर पर अंग्रेजी भाषा का सामना करने का डर कई छात्रों के लिए पेशेवर क्षेत्र में प्रवेश करने में बाधाएं पैदा कर रहा है। ये पुस्तकें शिक्षा तक पहुंच, शिक्षा की गुणवत्ता और हमारे छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ावा देंगी।

एआईसीटीई ने भारतीय भाषाओं में पाठय पुस्तके प्रदान करने के लिए 2021-22 में टेक्निकल बुक लेखन की योजना शुरू की है। इसके तहत हिंदी, मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगू, गुजराती, कन्नड़, पंजाबी, उड़िया, असमी, उर्दू और मलयालम में स्टडी मटीरियल प्रदान किया जाएगा।

इन किताबों को आईआईटी, सीएफटीआई, एनआईटी, आईआईआईटी, एआईसीटीई की ओर से मान्यता प्राप्त संस्थानों में पढ़ाया जाएगा।

–आईएएनएस

बजट एक नज़र में

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण साल 2023-2024 के लिए केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। यह निर्मला सीतारमण का पांचवा बजट है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव 2024...

बजट में मनरेगा मजदूरों दलित आदिवासियों की अनदेखी

नई दिल्ली, अरविंद कुमार; जब देश मे बेरोजगारी चरम सीमा पर है और लोग कोरोना के कारण आर्थिक संकट में हैं, सरकार ने इस बार बजट में मनरेगा के बजट...

प्रधानमंत्री ने बजट 2023-24 को ‘अमृत काल का पहला बजट’ बताया

नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय बजट को 'अमृत काल का पहला बजट' (2022 से 2047 तक 25 साल की अवधि, जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा)...

बजट में वित्तमंत्री ने की कई बड़ी घोषणाएं, जानिए बजट की 10 प्रमुख बातें

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बजट पेश किया। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट था। ऐसे में निर्मला सीतारमण ने टैक्स...

2047 तक सिकल सेल एनीमिया को हटाने का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा : वित्त मंत्री

नई दिल्ली : सरकार 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के लिए एक मिशन मोड में एक कार्यक्रम शुरू करेगी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद...

शीर्ष शिक्षण संस्थानों में जल्द ही एआई पर तीन उत्कृष्टता सेंटर खोलेगी सरकार : वित्त मंत्री

नई दिल्ली : चैटजीपीटी युग में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को घोषणा की है कि सरकार शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए उत्कृष्टता के तीन...

नेपाल से अयोध्या जा रही शालिग्राम शिला का बिहार में जगह-जगह स्वागत, दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़

गोपालगंज/ मुजफ्फरपुर:नेपाल के जनकपुर से अयोध्या जा रही शालिग्राम शिला का बिहार में जगह-जगह स्वागत हो रहा है। लोग जगह जगह आरती करते नजर आए तो कई शिला के दर्शन...

राष्ट्रपति मुर्मू पहली बार संसद की संयुक्त बैठक को करेंगी संबोधित

नई दिल्ली : द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित होने के बाद पहली बार संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। वह चालू वर्ष के लिए सरकार के ²ष्टिकोण को...

भारत में 2023 में वैश्विक व्यापार और अधिक कम होने की उम्मीद

नई दिल्ली : 2022-23 के आर्थिक सर्वेक्षण में चेतावनी दी गई है कि आक्रामक और समकालिक मौद्रिक सख्ती के कारण वैश्विक आर्थिक विकास और विश्व व्यापार धीमा होने लगा है।...

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में वृद्धि से मनरेगा की मांग में कमी : आर्थिक सर्वेक्षण

नई दिल्ली : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) कार्य की मासिक मांग में मजबूत कृषि विकास के कारण साल-दर-साल गिरावट आ रही है। 2022-23 के आर्थिक सर्वेक्षण...

सोशल मीडिया को होना चाहिए जिम्मेदार : इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने झांसी जिले की नंदिनी सचान द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री का प्रचार करने...

बांदा के इस स्कूल ने अपने दम पर की बिजली की व्यवस्था

बांदा (उत्तर प्रदेश) : कई पत्र लिखने और सभी से अनुरोध करने के तेरह साल के बाद बांदा के इस सरकारी हाई स्कूल के शिक्षकों और प्रिंसिपल ने आखिरकार खुद...

editors

Read Previous

दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ‘दलित उत्थान विजन’ को पेश किया

Read Next

कर्नाटक : गाय के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करने का आरोपी गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com