5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होने वाली आधी मौतों के लिए कुपोषण जिम्मेदार

नई दिल्ली:एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज इंटरनेशनल के अध्यक्ष डॉ. डेरेजे वर्डोफा ने कहा है कि दुनिया भर में 20 करोड़ बच्चे संकट में हैं, जिनमें माता-पिता की देखभाल से वंचित बच्चे भी शामिल हैं। हालांकि संस्था ने अपना समर्थन प्रदान कर, फैमिली स्ट्रेंगथनिंग और फैमिली–लाइक केयर प्रोग्रामों के माध्यम से दस लाख से अधिक बच्चों तक अपनी पहुंच बनाई है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, “हम सभी को भारत सहित दुनिया भर में लाखों और बच्चों के जीवन में बदलाव लाने के लिए सरकारों, संस्थानों और भागीदारों के साथ मौजूदा साझेदारी को गहरा और मजबूत करने की जरूरत है, साथ ही नई साझेदारी बनाने की भी जरूरत है।”

संकटग्रस्त बच्चों की दुर्दशा पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. डेरेजे वर्डोफा ने कहा: दुनिया भर में लगभग 15 करोड़ 30 लाख बच्चे अनाथ हैं और 16 करोड़ बाल मजदूर हैं। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होने वाली सभी मौतों में से लगभग आधी मौतों के लिए कुपोषण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसके कारण एक वर्ष में लगभग 30 लाख युवाओं की अनावश्यक रूप से मौत हो जाती है। ये केवल आंकड़े नहीं हैं। ये जीवन हैं जो देशों और दुनिया के भविष्य का निर्माण करते हैं। न केवल सरकारों द्वारा बल्कि सामूहिक रूप से हममें से प्रत्येक के द्वारा इसमें हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है। हालांकि इन बच्चों की देखभाल के लिए लोगों, संगठनों, एजेंसियों और सरकारों की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ।

भारत में एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज की यात्रा 1964 में शुरू हुई थी। आज यह संस्था देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद है, जो हर साल 30 हजार से अधिक बच्चों की सेवा कर रही है।

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