कनाडा 2025 में रिकॉर्ड 500,000 नए प्रवासियों का स्वागत करेगा

टोरंटो : सरकार ने मंगलवार को वर्ष 2023-2025 के लिए आव्रजन स्तर योजना की घोषणा करते हुए कहा कि श्रमिकों की भारी कमी दूर करने के लिए कनाडा ने 2025 में रिकॉर्ड 500,000 नए स्थायी निवासियों का स्वागत करने की योजना बनाई है। उत्तरी अमेरिकी राष्ट्र ने अपने 2023 के आव्रजन लक्ष्य को 465,000 तक और अपने 2024 के लक्ष्य को 485,000 तक बढ़ा दिया, जो क्रमश: 4 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत था।

सीआईसी न्यूज ने बताया कि कनाडा के आव्रजन लक्ष्यों में अर्थव्यवस्था को बढ़ाना, परिवारों को फिर से जोड़ना और विदेशों में कठिनाई के कारण भाग रहे शरणार्थियों को शरण देना शामिल है।

कनाडा ने 2021 में 405,000 से अधिक प्रवासियों का स्वागत करके अपना सर्वकालिक आव्रजन रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

अधिकांश नए स्थायी निवासी आर्थिक वर्ग के कार्यक्रमों जैसे कि एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम के भीतर या प्रांतीय नामांकन कार्यक्रमों (पीएनपी) के माध्यम से प्रवासन करते हैं।

नई योजना के अनुसार, 2023 में 82,880, 2024 में 109,020 और 2025 में 114,000 एक्सप्रेस एंट्री लैंडिंग होगी।

पीएनपी 2023 में 105,500 पीएनपी लैंडिंग, 2024 में 110,000 और 2025 में 117,500 के साथ आर्थिक वर्ग के अप्रवासियों के लिए कनाडा का प्रमुख प्रवेश कार्यक्रम बना रहेगा।

सीआईसी न्यूज के अनुसार, कनाडा प्रतिवर्ष लगभग 80,000 नए अप्रवासियों का स्वावों, भागीदारों और बच्चों के कार्यक्रम के तहत स्वागत करना जारी रखेगा।

माता-पिता और दादा-दादी कार्यक्रम के लक्ष्य 2023 में बढ़कर 28,500 हो जाएंगे, इसके बाद 2024 में 34,000 और 2025 में 36,000 हो जाएंगे।

सबसे हालिया नौकरी रिक्ति डेटा से पता चला है कि अगस्त में कनाडा में 958,500 खुली भूमिकाएं थीं और 10 लाख बेरोजगार थे।

देशभर में 17 उद्योगों में 563 निर्माताओं के कनाडाई निमार्ताओं और निर्यातकों के श्रम सर्वेक्षण में देशभर में श्रम और विनिर्माण क्षेत्र में कौशल की कमी के कारण पिछले एक साल में अर्थव्यवस्था को लगभग 13 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कनाडा में प्रति महिला 1.4 बच्चों की कम जन्मदर से श्रम की कमी अधिक प्रभावित होती है, जो विश्व स्तर पर सबसे कम है।

सीआईसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 90 लाख लोग या कनाडा की आबादी का लगभग एक चौथाई हिस्सा 2030 तक सेवानिवृत्ति की आयु तक पहुंच जाएगा, जो अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में श्रमिकों की तत्काल कमी पैदा करेगा।

–आईएएनएस

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