चावल, दलहन, तिलहन में की हुई कम बुवाई, सिर्फ गन्ना की ज्यादा

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)| भारत के बड़े हिस्से में मानसून की कमी बनी हुई है, खरीफ 2022 में चावल, दलहन और तिलहन के तहत कम रकबा देखा गया, जबकि 2021 की तुलना में केवल गन्ना क्षेत्र में कुल बुवाई क्षेत्र में 8.66 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों में शनिवार को यह बात कही गई। खरीफ 2022 सीजन के दौरान कुल 99.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है, जबकि 2021 में 108.29 लाख हेक्टेयर, यानी शनिवार 18 जून को माइनस 8 प्रतिशत की बुवाई की गई है।

2021 में 12.52 लाख हेक्टेयर की तुलना में 8.73 लाख हेक्टेयर में चावल बोया जाता है, जो 3.80 लाख हेक्टेयर कम (शून्य से 30.32 प्रतिशत) कम है। 2021 में 4.74 लाख हेक्टेयर की तुलना में 4.39 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुवाई की गई है, जो 0.35 लाख हेक्टेयर कम (माइनस 7.43 प्रतिशत) है, उनमें से, उड़द में इस वर्ष 0.53 लाख हेक्टेयर की तुलना में सबसे कम बुवाई हुई है, जबकि 0.73 लाख हेक्टेयर में इसकी बुवाई हुई है। पिछले साल (शून्य से 27.95 प्रतिशत)।

2021 में 9.74 लाख हेक्टेयर की तुलना में कुल मोटे अनाज में भी 6.81 लाख हेक्टेयर की गिरावट देखी गई है, जो 2.98 लाख हेक्टेयर (शून्य से 30.07 प्रतिशत) की गिरावट है। उनमें से, बाजरे ने 2021 में 2.85 लाख हेक्टेयर (शून्य से 84.10 प्रतिशत) की तुलना में 0.45 लाख हेक्टेयर के साथ सबसे कम बुवाई देखी है।

यहां तक कि तिलहन ने भी 5.79 लाख हेक्टेयर (शून्य से 17.86 प्रतिशत) की तुलना में 4.75 लाख हेक्टेयर में बुवाई की।

सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल 6.76 लाख हेक्टेयर की तुलना में केवल गन्ने में 6.51 लाख हेक्टेयर की वृद्धि देखी गई है, जो 1.86 प्रतिशत अधिक है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों से पता चला है कि 16 जून को, इस साल के मानसून (1-15 जून के बीच) के दौरान अखिल भारतीय संचयी वर्षा शून्य से 32 प्रतिशत कम है, जिसमें से सबसे बड़ा अंतर उत्तर पश्चिम भारत में था, जो शून्य से 77 प्रतिशत नीचे था।

इस बीच, देशभर के प्रमुख 143 जलाशयों में 177.46 अरब क्यूबिक मीटर (बीसीएम) की पूर्ण जलाशय स्तर (एफआरएल) क्षमता है, जो देश में कुल जलाशय क्षमता 257.81 बीसीएम का लगभग 68.83 प्रतिशत है।

10 जून के आंकड़ों से पता चलता है कि इन 143 प्रमुख जलाशयों में संग्रहण पिछले सप्ताह के 54.51 बीसीएम के स्तर से घटकर 52.82 बीसीएम हो गया था।

–आईएएनएस

editors

Read Previous

ग्लोबल पहचान के लिए ऊंची उड़ान को तैयार है देवघर का पेड़ा, जीआई टैग की दावेदारी

Read Next

एडब्ल्यूएस की पूर्व इंजीनियर 10 करोड़ ग्राहकों का डाटा हैक करने के मामले में दोषी साबित

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com